नीट पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम के खिलाफ चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर जाता नजर आ रहा है. सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने के बाद अब सीजेपी की तरफ से बड़ी जानकारी दी गई है. सीजेपी की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि 20 जुलाई को हुए संसद चलो मार्च के दौरान जिन छात्रों की पिटाई गई थी, उन पर लाठी चार्ज करने वाले सुरक्षाबलों पर कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार सकारात्मक दिखी. 

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कॉकरोच पार्टी की ओर से बताया गया कि पीड़ित परिवारों के मुआवजे को लेकर सरकार का रुख पॉजिटिव दिखा. उनकी ओर से बताया गया कि हमने उनसे कहा है कि सरकार को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना ही होगा और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा. बयान में आगे कहा गया कि इन सब मुद्दों पर सरकार से विस्तृत चर्चा की गई है. मोदी सरकार ने जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है.

इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बयान जारी कर कहा है कि आंदोलनकारियों से मुलाकात के दौरान हमने उनकी सभी बातें सुनी हैं. हमारी उनके साथ मीटिंग लगभग 2 घंटे तक चली. उनकी 3 मुख्य मांगें थीं और एग्जाम के लिए उनकी ओर से 5 सुधार सुझाव दिए गए थे. नड्डा ने आगे बताया कि हमने उनसे कहा है कि हम कल दोपहर फिर उनसे मिलेंगे और सरकार के साथ हुई बातचीत के बारे में उन्हें पूरी जानकारी देंगे. 

क्या बोले अभिनय सर अभिनय सर ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए जेपी नड्डा पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जेपी नड्डा खुद स्वास्थ्य मंत्री हैं लेकिन वह अपना ही विभाग नहीं संभाल पा रहे हैं. अस्पतालों की कैसी हालत है वो सबको पता है. कैसे-कैसे केस सामने आ रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें (जेपी नड्डा) को शिक्षा पर टिप्पणी करने की हिम्मत कहां से मिली?" उन्होंने आखिर में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो.

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