CJP ने 5 राज्यों 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बनाई कमेटी, जारी कर दी लिस्ट
कॉकरोच जनता पार्टी ने दक्षिण भारत में संगठन मजबूत करने के लिए साउथ जोन कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई है. इसमें 5 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दक्षिण भारत में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए दक्षिण क्षेत्र समन्वय समिति (South Zone Coordination Committee) बनाने का ऐलान किया है. पार्टी ने 11 सितंबर 2026 को नई कमेटी की घोषणा की. इसमें पांच राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है.
नई कमेटी में आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और तेलंगाना के प्रतिनिधि शामिल हैं. पार्टी के मुताबिक, कमेटी का मकसद दक्षिण भारत में संगठन के काम को मजबूत करना, क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर तालमेल बनाना और स्थानीय स्तर पर संगठन से जुड़े काम को आगे बढ़ाना है.
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आंध्र प्रदेश से 3, कर्नाटक से 5 सदस्य
पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, आंध्र प्रदेश से चेतन प्रमोद, एन. भास्कर और राजा रत्नम को कमेटी में शामिल किया गया है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से के. विश्वनाथन को जिम्मेदारी दी गई है. कर्नाटक से भावना, जुनैद अहमद, एमडी मोहसिन खान, राहुल फिलिप और राजेश मोहन गौड़ा को कमेटी में जगह मिली है. वहीं केरल से नितिन नोबल, फिरोज खान, ईशा मरियम हारिस और सानूप देव को शामिल किया गया है. लक्षद्वीप से एमडी तुफैल को कमेटी में जगह मिली है. तमिलनाडु से इलामारन, प्रभाकरन, सेल्वा कार्तिक, आर. राजकुमार और शाजहान को जिम्मेदारी दी गई है. तेलंगाना से श्रीजा रेड्डी, स्टेनली कोरानी और उप्पू अशोक कमेटी में शामिल हैं.
राज्य इकाइयों और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
कॉकरोच जनता पार्टी के मुताबिक, नई कमेटी दक्षिण भारत में क्षेत्रीय समन्वय का काम करेगी. यह स्थानीय संगठनात्मक पहलों को समर्थन देने के साथ-साथ राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पार्टी इकाइयों के बीच संवाद को मजबूत करेगी. कमेटी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की इकाइयों तथा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच संपर्क बेहतर करने का काम भी करेगी. पार्टी के मुताबिक, इससे स्थानीय और राज्य स्तर के मुद्दों और प्राथमिकताओं को संगठन के भीतर प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी. पार्टी ने कहा है कि दक्षिण क्षेत्र समन्वय समिति दक्षिण भारत में अलग-अलग इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और स्थानीय व राज्य स्तर के मुद्दों को पार्टी के संगठनात्मक ढांचे तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगी.
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