बारिश में टेंट मांग रहे अभिजीत दीपके का वीडियो डिलीट, अब क्या बोले कॉकरोच जनता पार्टी के नेता
बारिश के बावजूद दिल्ली में कॉकरोच पार्टी का 20 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है. इसी बीच अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस से छात्रों को बारिश से बचाने के लिए टेंट लगाने की इजाजत मांगी थी, लेकिन नहीं मिली.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार ने उनका वो वीडियो हटा दिया है, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस से टेंट लगाने की इजाजत मांगी थी. जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गया. दीपके ने सवाल किया कि उनके पोस्ट किए गए वीडियो में आखिर ऐसा क्या आपत्तिजनक था?
दीपके ने ओरिजिनल पोस्ट और ब्लॉक किए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "भारत सरकार ने इस वीडियो को ब्लॉक कर दिया है. इस वीडियो में क्या आपत्तिजनक था? मैं तो बस पुलिस से बारिश से बचने के लिए टेंट लगाने की गुजारिश कर रहा था." इससे पहले अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया था कि राजधानी में रात भर हुई भारी बारिश के बावजूद उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर तिरपाल लगाने की इजाजत नहीं दी.
दीपके ने एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा कि हम पूरी तरह भीग चुके हैं. सभी छात्र भीग गए हैं. हमारे कपड़े तर-बतर हो गए हैं और यहां तक कि लोग बीमार पड़ रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि सबको सर (पुलिस) की यूनिफ़ॉर्म दिखाइए. यह पहले की तरह ही सफेद चमक रही है. सर के जूते भी चमक रहे हैं. उनकी यूनिफॉर्म या जूतों पर बारिश की एक बूंद भी नहीं पड़ी है लेकिन हमारे लोगों के पैर खराब हो रहे हैं. इसके बावजदू सर कह रहे हैं कि तिरपाल अंदर नहीं लाने दिए जाएंगे. क्या छात्रों का भीगना ठीक है? क्या छात्रों का बीमार पड़ना ठीक है?"
Delhi Police is not allowing us to bring in tarpaulins.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 9, 2026
It rained all night, and we need them to protect the students who have been on a hunger strike for the past 12 days from the rain.
For the last three days, we have been struggling to get the tarpaulins inside the protest… pic.twitter.com/GrBryJiQxz
दीपके ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्र बारिश में भीगते रहे, जबकि पुलिसकर्मी सुरक्षित जगह पर रहे. उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कई छात्र बीमार भी पड़ गए. उन्होंने आगे कहा कि बारिश के पानी से सामान भीग जाने के कारण छात्रों को रात भर जागना पड़ा.
'पुलिस अधिकारियों को पानी छू भी नहीं पाया'
अभिजीत दीपके ने कहा, "ये 19-20 साल के छात्र हैं. बारिश की वजह से वे कल देर रात तक सो नहीं पाए. वे इसी वजह से यहां खड़े हैं. गद्दे भीग गए और उनकी चादरें गीली हो गईं. तो क्या आदेश आने तक बच्चे बस भीगते ही रहें? हमारे सभी सीनियर अधिकारियों को देखिए, जरा देखिए कि उनकी वर्दी कितनी साफ और चमक रही है. उन पर बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी है. पानी उन्हें छू भी नहीं पाया है."
सोनम वांगचुक की कैसी है हालत
न्यूज एजेंसी PTI की एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की सेहत बुधवार को और बिगड़ गई. डॉक्टरों ने बताया कि 11 दिन पहले भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन 7 किलो से ज्यादा कम हो गया है. उनका वजन 59.40 किलो दर्ज किया गया. रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी हार्ट रेट 74 बीट्स प्रति मिनट थी. ब्लड ग्लूकोज का स्तर 75 mg/dL था और ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत बना हुआ था. डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में पानी का लेवल ठीक है.
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