केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष की तरफ से लगाए जा रहे आरोप और SIR पर विवाद के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन किया है. उन्होंने SIR का बचाव करते हुए कहा कि हालांकि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया से संबंधित सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया है, लेकिन अगर नागरिकों को अभी भी कोई संदेह है, तो उसे पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘इसी चिंता को लेकर मैं चुनाव आयोग से आग्रह किया था, क्योंकि ये वही नागरिक हैं, जिन मन में शायद सच में संदेह हो सकता है. क्योंकि विपक्षी पार्टियां लगातार इस मुद्दे को उठा रही है और जब किसी झूठ को बार-बार दोहराया जाता है, तो वह सच जैसा लगने लग सकता है. ऐसे में विपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है, इसलिए अगर ये संदेह युवा वर्ग तक भी पहुंचा है, तो उन्हें स्पष्ट करना जरूरी है.’
यह पहचानना जरूरी कि कौन असली Gen Z- चिराग
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यूथ कॉन्क्लेव 2026 कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘आज की तारीख में पहली बात ये पहचानना जरूरी है कि कौन सही मायने में निष्पक्ष युवा हैं, Gen Z हैं, जो भारत के भविष्य के लिए चिंतित हैं और कौन इन Gen Z की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहा है.’
उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोग, जब आप कुछ अच्छा भी करेंगे, तब भी ये सवाल ही उठाएंगे. पर मैं मानता हूं कि इसके बाद भी अगर युवा पीढ़ी के मन में किसी प्रकार की कोई शंका, कोई संदेह है, तो चुनाव आयोग के दरवाजे हमेशा खुले हैं. जब मैंने भी चुनाव आयोग के सामने सवाल उठाए थे, तो तब भी कुछ ही घंटों में जवाब सामने आया था. अगर इसके बाद भी युवा के मन में कोई संदेह होगा, तो चुनाव आयोग जरूर अपना पक्ष रखने का काम करेगा.’
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