काले कवर में दिल्ली पहुंची शी जिनपिंग की कार! जानें इसके पीछे का कारण
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट भी हिस्सा लिया. उन्होंने समिट की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में भी भाग लिया.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार (12 सितंबर, 2026) को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे. उन्होंने ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेताओं के साथ बैठक में भाग लिया और पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की, लेकिन 7 सालों के लंबे अंतराल के बाद चीनी राष्ट्रपति के भारतीय दौरे पर पहुंचने से पहले एक ऐसी चीज दिल्ली की सड़कों पर नजर आई, जिसने हर किसी की नजर को अपनी तरफ खींचा और वो चीज थी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आधिकारिक कार, जिसे काले कवर से ढका गया था.
सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिनपिंग की कार की तस्वीरें
जी हां... चीन के राष्ट्रपति के आधिकारिक काफिले की गाड़ियों को उनके दिल्ली पहुंचने से पहले ही भारी काले कवर से ढककर ले जाया गया था. काले कवर से ढकी हुई इन गाड़ियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद लोगों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई कि आखिर कवर के नीचे क्या ले जाया जा रहा था और इन गाड़ियों को छिपाकर क्या रखा गया था.
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इस्तेमाल में आने वाली बेहद गोपनीय और भारी बख्तरबंद लिमोजिन, होंगकी N701 है. माना जाता है कि चीनी राष्ट्रपति के आधिकारिक वाहनों को उनके भारत पहुंचने से पहले ही यहां लाया गया था.
Chinese President Xi Jingpin's car is covered in black material as it moves across the roads in #Delhi
— Gautam Agarwal 🇮🇳 (@gauagg) September 12, 2026
Covering done to hide features of the vehicle pic.twitter.com/yCVAmozm4W
क्यों ढका गई थी जिनपिंग की कार?
दरअसल, विदेश यात्राओं के दौरान विशेष सुरक्षा वाले सरकारी गाड़ियों के साथ ऐसा किया जाना बेहद आम बात है. विदेश यात्राओं के दौरान आधिकारिक गाड़ियों को ढककर रखने के पीछे मुख्य रूप से सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और सिक्योरिटी से जुड़ा मामला होता है. राष्ट्रपति की कारों को अक्सर अलग से भेजा जाता है और वे संबंधित देश में राष्ट्रपति के पहुंचने से पहले ही पहुंच सकती हैं.
कार्गो एयरक्राफ्ट से गाड़ियों को उतारते वक्त, एयरपोर्ट परिसर में ले जाते वक्त या फ्लैटबेड कैरियर पर ट्रांजिट के दौरान आमतौर पर भारी-भरकम कवर या तिरपाल का इस्तेमाल किया जाता है. इससे गाड़ियों को धूल, बारिश, धूप और किसी भी अचानक हुए नुकसान से बचाने के साथ-साथ उन्हें इस्तेमाल किए जाने तक बेहतर स्थिति में रखने में मदद मिलती है.
इसके अलावा, बेहद सुरक्षित सरकारी गाड़ियों के मामले में, ट्रांजिट के दौरान उन्हें ढककर रखने से अनावश्यक रूप से उनकी तस्वीरें खींचे जाने या उनकी सुरक्षा संबंधी बारीकियों की जांच किए जाने का खतरा भी कम हो जाता है.
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