Mohan Bhagwat News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों से घिरे रहते हैं. इस बार उन्होंने जातिवाद पर टिप्पणी कर खुद की परेशानी बढ़ा दी है. उनके एक बयान से राजनीतिक गलियारों में बवाल खड़ा हो गया है. तमाम नेता उनके इस बयान की निंदा कर रहे हैं. इसके बाद अब संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर (Sunil Ambekar) ने भागवत के बयान पर सफाई पेश की है.


सुनील आंबेकर ने सफाई देते हुए कहा कि मोहन भागवत ने पंडित शब्द ज्ञानियों के लिए इस्तेमाल किया था न कि किसी जाति या धर्म के लिए. उन्होंने कहा कि बीते दिन भागवत एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इस दौरान पंडित शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका मतलब विद्वान या ज्ञानी होता है. इसका गलत मतलब निकालकर इसका मुद्दा बनाया जा रहा है. 


क्या था भागवत का बयान 


दरअसल, उन्होंने कहा था कि समाज के बंटवारे का फायदा दूसरों ने उठाया और इसीलिए देश पर आक्रमण हुए. यहां तक कि इसी वजह से बाहरी देशों से आए लोगों ने हमारे देश में राज किया. हिन्दू समाज को देश में नष्ट होने का भय दिख रहा है क्या? यह बात आपको कोई ब्राह्मण नहीं बता सकता. आपको समझना होगा. हमारी आजीविका का मतलब समाज के प्रति भी ज़िम्मेदारी होती है. जब हर काम समाज के लिए है तो कोई ऊंचा, कोई नीचा या कोई अलग कैसे हो गया?


बयान पर मचा बवाल 


भागवत के इस बयान के बाद इस पर जोरों से राजनीति जारी है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने तीखे सवालों के तीर छोड़े. उन्होंने कहा, 'भागवत ने कहा था कि कुछ पंडित शास्त्र के आधार पर कहते हैं, वो झूठ है. क्या मोहन भागवत ये स्पष्ट करेंगे कि वो शास्त्र कौन सा है?' हालांकि, रामचरितमानस पर विवादित बयान जारी करने वाले समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने भागवत के बयान की तारीफ की है. 


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