दिल्ली के जंतर-मंतर और रांची में पिछले दो महीने के दौरान दो बड़े छात्र आंदोलन हुए हैं. इस आंदोलन को देखकर एक बात तो साफ है कि Gen-Z अपने मुद्दों से मौजूदा सियासत को काफी हद तक प्रभावित कर रहे हैं. दिल्ली के आंदोलन को देखते हुए केंद्र सरकार ने उनकी बात मान ली, लेकिन रांची में अभी भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच सी वोटर ने युवाओं के मुद्दे, युवा उम्मीदवार और सोशल मीडिया के प्रभाव समेत कई मुद्दों पर Gen-Z की राय ली है.

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सबसे अहम चुनावी मुद्दा 

सर्वे में Gen-Z से पूछा गया कि आपका सबसे अहम चुनावी मुद्दा क्या है? 53 फीसदी युवाओं ने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को अहम मुद्दा बताया. इसमें NDA समर्थक 56.7 फीसदी और विपक्ष के 51.7 फीसदी युवा इस मुद्दे को महत्वपूर्ण मानते हैं. सड़क बिजली, पानी को 8.2 फीसदी लोगों ने अहम मुद्दा बताया, जिसमें एनडीके 6.7 फीसदी और विपक्ष के 12.8 फीसदी समर्थक शामिल हैं. वहीं 13.1 फीसदी लोगों ने महंगाई को अहम मद्दा बताया. वहीं 11.9 फीसदी Gen-Z ने भ्रष्टाचार, 2.7 फीसदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और 4.8 फीसदी ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को अहम मुद्दा बताया.

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वोट डालने से पहले क्या देखेंगे Gen-Z?

सी वोटर ने युवाओं से पूछा कि नेता, पार्टी और उम्मीदवार में से वोट देने का मुख्य आधार क्या है? इसके जवाब में 20 फीसदी लोगों ने नेता को ज्यादा जरूरी बताया, जिसमें एनडीए के 22.9 फीसदी समर्थक, विपक्ष के 23.1 फीसदी और अन्य 2.7 फीसदी युवा शामिल हैं. 13.9 फीसदी लोगों ने पार्टी को अहम माना और 7.7 फीसदी लोगों ने उम्मीदवार को मुख्य आधार बताया.

ज्यादातर Gen-Z का कहना है कि वह मुद्दे पर वोट देंगे. 33.3 फीसदी युवाओं ने कहा कि वह मुद्दों पर वोट देंगे. इसमें एनडीए के 30.5 फीसदी, विपक्ष के 33.3 और अन्य के 41.5 फीसदी समर्थक शामिल हैं. वहीं 7.8 फीसदी लोगों ने अन्य और 17.3 फीसदी युवाओं कह नहीं सकते जवाब दिया.

ये सर्वे ऐसे समय में हआ है जब झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ रांची में चल रहा छात्र आंदोलन 19 दिन से जारी है. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के बाद छात्र देर रात से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में फिर से जमा हो गए. आंदोलनकारियों ने अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रांची बुलाने की मांग तेज कर दी है.