दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र कल यानी 23 मार्च से शुरू होने जा रहा है. 23 मार्च से शुरू होने वाला ये बजट सत्र 29 मार्च तक चलेगा. इस बजट सत्र के पहले दिन उपराज्यपाल अनिल बैजल का अभिभाषण होगा, उसके अगले दिन 24 मार्च को सदन में चर्चा के लिये लिस्ट किये गये मुद्दों पर चर्चा होगी. 25 मार्च को वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ऑउटकम बजट और इकॉनॉमिक सर्वे पेश करेंगे. जबकि 26 मार्च को सुबह 11 बजे दिल्ली के वित्त मंत्री साल 2022-23 के लिये दिल्ली का बजट पेश करेंगे. 28 मार्च को बजट पर चर्चा होगी और सत्र के आखिरी दिन 29 मार्च को भी बजट पर चर्चा होगी और फिर बजट प्रस्ताव को पास किया जायेगा. दिल्ली सरकार की मानें तो इस साल भी हर साल की तरह बजट का फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य पर ही होगा.

इस साल के बजट को तैयार करने के लिये दिल्ली सरकार ने लोगों से उनके सुझाव भी मांगे थे और सरकार ने दावा किया है कि लोगों के सुझाव के आधार पर ही इस बार का दिल्ली का बजट पेश भी किया जायेगा. दिल्ली सरकार ने अपने इस बजट को ‘स्वराज बजट’ नाम दिया है. लोगों से मांगे गये सुझाव के आखिरी दिन ( 15 फ़रवरी ) तक सरकार को 5,500 सुझाव मिले हैं. इस पर अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्लीवासी आम आदमी पार्टी की सरकार में शिक्षा प्रणाली में हुए विकास से प्रभावित हैं और वे इसी तरह की सुविधा वयस्कों के लिए भी चाहते हैं. कुछ लोगों ने मोहल्ला क्लीनिक’ की तर्ज पर ‘मोहल्ला पुस्तकालय’’ बनाने का सुझाव भी दिया है, जबकि कुछ लोगों ने ‘बिजनेस ब्लास्टर’ की तर्ज पर छोटे कारोबारियों के लिए उद्यमी-निवेश संगोष्ठी और कार्यक्रम चलाने का सुझाव भी दिया है. वहीं इस दौरान सरकार ने लोगों से सुझाव लेते वक्त कुछ मुद्दे सामने रखे थे और इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुये सुझाव भी मांगे थे.

दिल्ली सरकार ने लोगों से जिन 8 मुद्दों पर सुझाव मांगे हैं वो इस प्रकार हैं

1- दिल्ली के व्यापारियों का बिजनेस कैसे आगे बढ़े, इसके लिये क्या योजना होनी चाहिये.2- अंतरराष्ट्रीय खरीददारों को कैसे दिल्ली के बाज़ारों से जोड़ा जा सके.3- आमदनी बढ़ाने के लिए बजट में क्या नए प्रावधान किए जा सकते है.4- नई नौकरियों बढ़ाने के लिए बजट.5- प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए बजट.6- दिल्‍ली की खूबसूरती बढ़ाने के लिये बजट.7- महिला सुरक्षा.8- शिक्षा और स्वास्‍थ्य सुविधा.

इस बार का बजट सत्र के काफी हंगामेदार रहने के भी आसार हैं. दरअसल केन्द्र सरकार ने तीनों नगर निगमों के एकीकरण से जुड़े प्रस्ताव को कैबिनेट में पास कर दिया है, जिसे जल्द ही सदन में रखा जायेगा. इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी लगातार बीजेपी पर हमलावर है. आम आदमी पार्टी का आरोप है कि नगर निगम चुनावों को टालने के लिये बीजेपी शासित केन्द्र सरकार ये फैसला ले रही है. वहीं बीजेपी के मुताबिक फंड की भारी कमी झेल रही एमसीडी के लिये ये फैसला बिल्कुल ठीक है. ऐसे में इस मुद्दे पर दोनों ही पक्षों के बीच सत्र के दौरान काफी नोकझोंक देखने को भी मिल सकती है.

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