जयपुर: राजस्थान में बीएसपी के छह विधायकों के पिछले साल कांग्रेस में हुए विलय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्च न्यायालय में गुरुवार को सुनवाई होगी. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के वकील ने बताया कि मंगलवार को बहस अधूरी रही और मामले पर अब 13 अगस्त को अगली सुनवाई होगी .

बीजेपी के विधायक मदन दिलावर और बीएसपी  ने विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को लागू करने पर रोक लगाने का अनुरोध किया है . विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल विलय को मंजूरी दी थी.

याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि यह विलय देश के दल-बदल कानून, संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के खिलाफ है . विधानसभाध्यक्ष के वकील ने कहा कि याचिकाएं विचार योग्य नहीं है .

संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुधा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी  उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी और बाद में पाला बदलकर कांग्रेस में शामिल हो गए .

इन विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने से अशोक गहलोत सरकार को मजबूती मिली और 200 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी की संख्या 107 हो गयी .

विधायकों ने पिछले साल 16 सितंबर को कांग्रेस में विलय के लिए याचिका दी थी और दो दिन बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एक आदेश के जरिए इसे मंजूरी दे दी .

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