ब्रिक्स समिट का दूसरा और आखिरी दिन है. आखिरी दिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने देश रवाना हो गए हैं. इससे पहले उन्होंने भारत मंडपम में पीएम मोदी का संबोधन सुना और सभी नेताओं के साथ फोटो भी क्लिक करवाई. करीब 7 साल बाद शी जिनपिंग भारत आए थे.

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शनिवार को आए थे भारतशी जिनपिंग शनिवार दोपहर को एयर चाइना की फ्लाइट से नई दिल्ली आए थे. उनके साथ एक हाईलेवल प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया था. एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा के बीच वो अपनी कार होंगछी एन701 कार से भारत मंडपम पहुंचे थे. जहां पर पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था.

द्विपक्षीय बैठक हुई पीएम मोदी और शी जिपनिंग के बीच 45 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक भी हुई थी. विदेश मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने इस बात को दोहराया कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए और मतभेदों को विवादों में नहीं बदलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर, मोदी और शी ने एक-दूसरे की चिंताओं को दूर करने की जरूरत पर जोर दिया, जिसमें ढांचागत व्यापार असंतुलन और आपूर्ति शृंखला से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं.

शी जिनपिंग की भारत यात्रा कई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद हुई, जिसमें बीजिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता भी शामिल है. हालांकि, अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंताएं अब भी बनी हुई हैं.

 पीएम मोदी और शी ने पिछले साल 31 अगस्त को चीन के तियानजिन शहर में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर व्यापक बातचीत की थी.

पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद गंभीर रूप से प्रभावित हुए अपने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं.

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