Rahul Gandhi On CBSE Issue: एक यूजर के पोस्ट को रि-पोस्ट करते हुए CBSE से जुड़े मामले को लेकर राहुल गांधी ने फिर से केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साथा है. यूजर्स ने 12वीं की कई कॉपियों की तस्वीर शेयर करते हुए सवाल किया है. इसमें सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई के एक्स हैंडल को टैग करते हुए सवाल पूछा है कि इन कॉपियों को स्कैन करने के लिए आपने स्कैनर्स का इस्तेमाल किया था. अब जबकि ये कॉपियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, क्या आप कृपया इसे समझाना चाहेंगे?

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राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल किया है कि सीबीएसई ने मई 2025 के टेंडर में यह शर्त थी कि आंसर शीट को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर से स्कैन किया जाएगा. उनकी बाइंडिंग सुरक्षित रहेगी. कम से कम 300 DPI रेजोल्यूशन पर स्कैन किया जाएगा. 

दोबारा जारी टेंडर में शर्तें चुपचाप हटा दीं: राहुल गांधीराहुल ने कहा कि अगस्त में दोबारा जारी किए गए टेंडर से चुपचाप ये सारी शर्तें हटा दी गईं. स्कैनर शब्द को सामान्य बना दिया गया. रेजोल्यूशन घटाकर 200 DPI कर दिया गया.

राहुल ने कहा कि अब हमें पता चल गया है कि असल में इसका क्या मतलब था. यह खुलासा हुआ है कि COEMPT ने आंसर शीट को मोबाइल फोन से स्कैन किया था.

धुंधली कॉपियाँ, गायब पेज, स्कैन न की गई कॉपियां, ये कोई गलतियां नहीं हैं. ये उस कॉन्ट्रैक्ट का पहले से तय नतीजा हैं, जिसे किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था.

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यह एक धोखा है: गांधी

राहुल ने कहा कि यह एक धोखा है. हर वह बच्चा, जिसके अंकों का गलत मूल्यांकन हुआ है, इस धोखे का शिकार है. सुबह प्रधानमंत्री के पास आमों के बारे में बात करने का समय था. उनके पास उन 18.5 लाख बच्चों के बारे में बात करने का समय नहीं था. इनकी आंसर शीट मोबाइल फोन से स्कैन की गई थीं. धर्मेंद्र प्रधान जी अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं. मोदी जी की चुप्पी अब सिर्फ उदासीनता नहीं रही. यह इस अपराध में उनकी मिलीभगत का सबूत है.

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