Kerala Assembly Election Results 2026: केरल विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए गए. इसमें कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष को जबरदस्त जीत मिली और दस साल पुरानी वामपंथी सरकार गिर गई. वहीं,  BJP ने अपनी सीटों की संख्या 0 से बढ़ाकर 3 कर ली. पार्टी ने तिरुवनंतपुरम के नेमोम और कज़ाकूटम, और कोल्लम के चथन्नूर से जीत हासिल की है.

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इस चुनाव में भले ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है, लेकिन 140 सदस्यीय विधानसभा में 3 सीटें जीतकर भाजपा ने केरल में अपनी अब तक की सबसे मजबूत उपस्थिति दर्ज की है. इसी के साथ अब भाजपा 3 विधायकों के साथ विधानसभा में विपक्ष के तौर पर काम करेगी. 

किन सीटों पर बीजेपी को मिली जीत?

केरल में भाजपा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF (United Democratic Front) और वामपंथी LDF (Left Democratic Fund) के कड़े मुकाबले के बीच इन तीन सीटों पर जीत दर्ज की है:-

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नेमम- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कड़े मुकाबले में जीत हासिल की. उन्होंने सीपीएम के कद्दावर नेता वी. शिवनकुट्टी को 3513 वोटों से हराया. 

चथन्नूर- कोल्लम जिले की इस सीट पर भाजपा के बी. बी. गोपाकुमार ने सीपीआई के आर. राजेंद्रन को 4398 वोटों से हटाकर कोल्लम जिले में भाजपा का कमल खिलाया. 

कझाकुट्टम- भाजपा के वरिष्ठ नेता वी. मुरलीधरन ने इस सीट पर जीत दर्ज की. 

2016 में नहीं मिली थी एक भी सीट

केरल में इससे पहले साल 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को तिरुवनंतपुरम जिले के नेमम जिले से एक सीट पर जीत मिली थी. उस दौरान इस सीट से भाजपा के 86 वर्षीय ओ.राजगोपाल ने CPI-M के तत्कालीन विधायक वी. शिवनकुट्टी को 8671 वोटों से हराया था. इस चुनाव में नेमम सीट पर भाजपा को 47.46 परसेंट वोट मिले थे, जो केरल के चुनावी इतिहास में भाजपा के लिए एक मील का पत्थर है.

इसके 5 साल बाद 2021 में फिर से विधानसभा चुनाव हुआ, जिसमें भाजपा इस एकमात्र सीट पर भी हार गई और जीरो पर आ गई. 2016 की जीत के ठीक दस साल बाद भाजपा ने फिर से केरल में अपनी मजबूत वापसी की है. 

केरल में UDF की सरकार

कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने 102 से अधिक सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है और पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ LDF को शिकस्त दी है. वह महज 35 सीटों पर सिमट गए.  UDF के इस गठबंधन में कांग्रेस को 63 और IUML को 22 सीटें मिलीं. इसके साथ ही केरल में पिनाराई के नेतृत्व वाला वामपंथी गठबंधन LDF का पिछले 10 साल से चल रहा शासन समाप्त हो गया. 

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