सदन में लुंगी वाले बयान ने तूल पकड़ लिया है. अब इस पर बुधवार (12 अगस्त) को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव की सफाई सामने आई है. उन्होंने कहा है कि राजनीति में झूठ बहुत जल्दी दिखता है. केरल की जनता से कहना चाहती हूं कि पोशाक पर हमारे बीच विभाजन है. ऐसा कभी नही हो सकता है. अब तो दूध का दूध, पानी का पानी होगा. प्रिविलेज मोशन दिया है. जोन जी को बोलिए की मेरा वीडियो दिखाए.  सदन की गरिमा होती है.  केरल में झूठ न फैलाए.

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इसके अलावा देव ने कहा, 'न तो उन्होंने और न ही किसी अन्य सदस्य ने किसी राज्य के पहनावे पर कोई गलत टिप्पणी की है. वह व्यक्तिगत रूप से ब्रिटास से बात करने को तैयार हैं.'

बुधवार को विवाद तब और बढ़ गया, जब सीपीआई एम नेता जॉन ब्रिटास के खिलाफ सुष्मिता देव ने विशेषाधिकार हनन नोटिस पेश किया. यह घटनाक्रम उस आरोप के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि सोमवार को अपने भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के एक सदस्य ने उनके पहनावे पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए लुंगी वाला कहा था. 

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ब्रिटास बोले- मुझे भारतीय, दक्षिण भारतीय, मलयाली होने पर गर्व है

ब्रिटास ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस पेश करते हुए कहा, 'मुझे भारतीय, दक्षिण भारतीय और मलयाली होने पर गर्व है. मलयाली होने के हर पल को मैं संजोता हूं. हमारी भाषा संस्कृति, खान-पान और निश्चित रूप से हमारा पहनावा.'

उन्होंने कहा, 'कुछ दिन पहले एक सम्मानित सदस्य जिनका मैं सम्मान करता हूं, वे यहां आई और मुझे परेशान कर रही थीं. जबकि मैं एक वैधानिक प्रस्ताव पेश करने वाले के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था. बहस मुबाहिसा ठीक है. हम एक दूसरे से लड़ते भी हैं. लेकिन उन्होंने बार-बार मुझे लुंगी वाला, लुंगी वाला कहा.'

जेपी नड्डा ने कहा- 'दोनों सदस्य गलतफहमी दूर करने चैंबर में आ सकते हैं'

इधर जेपी नड्डा ने कहा, 'दोनों सदस्य गलतफहमी दूर करने के लिए उनके चैंबर में आ सकते हैं. वहीं, चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने कहा, सदस्यों मेरे ध्यान में कुछ घटनाएं आई हैं. इनमें सदन में अन्य सदस्यों के भाषण के दौरान कुछ सदस्यों ने असभ्य और अशोभनीय टिप्पणियां की हैं. मेरी सलाह है कि माननीय सदस्य इस बात का ध्यान रखें कि साथी सदस्यों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे. हमारी संस्कृति अनूठी है. इसमें विभिन्न क्षेत्रीय संस्कृतियां शामिल हैं. हमारे सहयोगियों की संस्कृतिक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान का अनादर नहीं होना चाहिए.'