बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक को लेकर दिए गए बयान से फिर से विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने दावा किया कि ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री पटनायक अमेरिका और पूर्व पीएम नेहरू के बीच कड़ी का काम करते थे. बीजेपी नेता के आरोपों पर बीजेडी सांसद सस्मिता पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि दुबे इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करके एक सम्मानित नेता को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.
दुबे ने लगाए गंभीर आरोप
दुबे ने शुक्रवार (27 मार्च) को पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया था, 'नेहरू ने 1962 में भारत और चीन के बीच हुए युद्ध को अमेरिकी पैसे और सीआईए एजेंटों की मदद से लड़ा था. उन्होंने दावा किया कि ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक अमेरिकी सरकार, सीआईए और नेहरू के बीच कड़ी थे. मैंने आज नेहरू के दो पत्र जारी किए हैं, जिनमें वे अपने अधिकारियों, खासकर तत्कालीन अमेरिकी राजदूत को अपना काम करने के लिए कह रहे हैं. नेहरू ने अधिकारियों से कहा था कि सरकार ने पटनायक को (अमेरिका) महत्वपूर्ण काम के लिए भेजा है और वे रक्षा मामलों पर चर्चा कर रहे हैं.'
क्या बोले निशिकांत दुबे?
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया, 'भारत-चीन युद्ध के बाद ही नेहरू ने अमेरिका और सीआईए के कहने पर नंदा देवी में न्यूक्लियर डिवाइस लगाया था. यह डिवाइस अभी भी लापता है.' उन्होंने कहा, 'इसके अलावा ओडिशा के चारबाटिया एयरबेस को भी अमेरिका के जासूसी विमानों के उपयोग के लिए बनाया गया था. अमेरिका ने 1963 से लेकर 1979 तक इस एयरबेस का इस्तेमाल किया था.'
दुबे के आरोपों पर बीजेडी का पलटवार
निशिकांत के लगाए आरोपों पर बीजू जनता दल (BJD) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दुबे पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, 'बीजू पटनायक जी के खिलाफ लगाए गए यह बयान बेहद आपत्तिजनक, झूठे और गैर जिम्मेदारी भरे हैं' वह एक महान स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी नेता थे, जिनका इस देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है' इसके साथ ही पात्रा ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अगुवाई वाली संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा देने का भी ऐलान किया.
