डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर कमेंट करके बुरी तरह से फंस गए हैं. मंगलवार को उन्हें पुलिस ने घर से हिरासत में भी ले लिया था. अब वो घर वापस आ गए हैं. स्टालिन के डबल मीनिंग कमेंट के बाद कई लोग उन्हें खरी खोटी सुना रहे हैं. बीजेपी नेता और एक्ट्रेस खुशबू सुंदर का भी गुस्सा फूटा है. उन्होंने कहा है कि स्टालिन को खुद को नेता कहने में शर्म आनी चाहिए. 

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खुशबू ने एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा- मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई. मैंने पहले भी DMK पार्टी में महिलाओं के खिलाफ ऐसी घटिया और औरतों का अपमान करने वाली बातें देखी हैं. ऐसा लगता है कि आप उसी पुरानी सोच और परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.

गाली देने का अधिकार किसने दिया

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खुशबू ने कहा- 'आपको किसी सार्वजनिक मंच से किसी महिला को गाली देने का अधिकार किसने दिया? और यह बात सिर्फ उदयनिधि स्टालिन की नहीं है, बल्कि सभी राजनीतिक पार्टियों में ऐसा ही हो रहा है. अपनी बात साबित करने के लिए आप कब तक महिलाओं को निशाना बनाते रहेंगे? एक पुरुष कितना कमजोर हो सकता है जो किसी महिला के बारे में इतने अपमानजनक तरीके से बात करे, महिला के कंधे पर रखकर बंदूक चलाए और कहे कि 'मैं एक मजबूत आदमी हूं, मैं एक नेता हूं'? आपको खुद को नेता कहते हुए शर्म आनी चाहिए.'

अगर आप मर्द हैं तो...खुशबू ने कहा- 'मुझे उदयनिधि स्टालिन से ऐसी उम्मीद नहीं थी. मुझे लगा था कि वे युवा हैं, उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं और खेल मंत्री रहे हैं, तो वे अलग सोच रखते होंगे. लेकिन यह देखकर बहुत हैरानी हुई कि वे भी इतनी अश्लील, भद्दी और खराब भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि उन्हें अपनी इस बात पर जरा सा भी पछतावा नहीं है.' खुशबू ने याद किया कैसे DMK के एक नेता (सादिक) ने उन्हें और अन्य महिलाओं को 'आइटम' कहा था. तब उस नेता को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों बाद वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया. इससे साफ है कि स्टालिन भी उसी पुरानी सोच के इंसान हैं. अगर आप खुद को एक सच्चा मर्द और असली नेता मानते हैं, तो किसी महिला को गाली दिए बिना या अपमानित किए बिना राजनीति करके दिखाएं. देखते हैं कि क्या आपमें इतनी हिम्मत है.'

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