लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए आरोपों का जवाब बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेस के जरिए दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'राहुल गांधी संसद में और देश के नैरेटिव में गोल पोस्ट चेंज कर रहें हैं, उनका उद्देश्य अराजकता फैलाना है. 15 दिनों से संसद को बाधित किया जा रहा है. आज जब इसपर तय हुआ कि जंतर मंतर पर चर्चा होगी तो वो गुमराह कर रहें हैं कि वहां गोली चली, लेकिन वहां कोई गोली नहीं चली.'

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उन्होंने आगे कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने के लिए तैयार हैं, हर विषय पर जवाब देने के लिए तैयार हैं. SIR पर भी चर्चा मांगी और हुई, महंगाई पर मांगी और जवाब दिया गया तो भाग गए.

'राहुल का मकसद अराजकता फैलाना'

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नड्डा ने कहा, 'राहुल गांधी संसद में और अपने बयानों में हर रोज अपने रुख बदलते रहते हैं. उनका मकसद बातचीत करना नहीं है, बल्कि अराजकता फैलाना है. सत्र की शुरुआत में ही उन्होंने NEET पर चर्चा की मांग रखी. जब हम इस पर सहमत हुए तो उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट का मुद्दा उठा दिया. इसके बाद उन्होंने जोर देकर कहा कि गृह मंत्री जंतर-मंतर घटना पर बयान दें. उनका इरादा सदन को चलने से रोकना है.'

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'राहुल गांधी नहीं चाहते कि सदन चले'

उन्होंने आगे कहा, 'राहुल गांधी नहीं चाहते कि सदन चले, इसीलिए वे पिछले 15 दिनों से कार्यवाही बाधित कर रहे हैं और साथ ही जंतर-मंतर मुद्दे पर चर्चा के लिए दबाव बना रहे हैं. आज जब जंतर-मंतर मुद्दे पर चर्चा करने का फैसला लिया गया तो उन्होंने जनता और देश को गुमराह करना शुरू कर दिया और दावा किया कि जंतर-मंतर पर गोलीबारी हुई है, जबकि वास्तव में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. गृह मंत्री हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं. हमारा रुख हमेशा से साफ रहा है कि सदन को चलने दें. अगर सदन चलता है तो हम हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, जैसा कि हम हमेशा से करते आए हैं. हमारा पिछला रिकॉर्ड इसका गवाह है.'

झारखंड छात्र आंदोलन पर चुप क्यों राहुल गांधी - जेपी नड्डा

जेपी नड्डा ने कहा, 'मैं राहुल गांधी से यह बात स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं, चर्चा से भागें नहीं. हम सदन में हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, मैं यह पूछना चाहता हूं. क्या उन्हें आज झारखंड के छात्रों की आवाजें सुनाई नहीं दे रही हैं? मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनाए गए दोहरे मापदंड, अराजकता पैदा करना, नकारात्मक राजनीति में लिप्त होना और एक गैर-जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाना देश के भविष्य या उसकी प्रगति के लिए कुछ भी नहीं करते हैं. मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं.'

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