प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख (मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री) के तौर पर 7 अक्टूबर 2026 को 25 साल पूरे होने वाले हैं. इसे लेकर बीजेपी देशभर में ‘सेवा संकल्प महोत्सव’ की तैयारी कर रही है. बीजेपी करीब 15 दिनों तक देशभर में विशेष कार्यक्रम चलाएगी, जिसकी जिम्मेदारी पार्टी के महासचिव विनोद तावड़े को दी गई है. राज्य स्तर पर सात सदस्यीय टीम इस पूरे अभियान की देखरेख करेगी, जिसमें प्रदेश सरकार के एक मंत्री संगठन से एक महामंत्री और पांच नेता शामिल होंगे.

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इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण और स्वास्थ्य शिविर जैसे कई सामाजिक और सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा, देशभर में '25 इयर्स ऑफ नरेंद्र मोदी' थीम पर डिजिटल और फोटो प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी, जिनमें उनके सार्वजनिक जीवन और शासन के महत्वपूर्ण पड़ावों को दिखाया जाएगा. बीजेपी इस दौरान सुशासन और विकास पर बुद्धिजीवियों के सम्मेलन, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित करेगी.

ये कार्यक्रम करेगी बीजेपी

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  • स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण और स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे.
  • ‘नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष’ थीम पर डिजिटल और फोटो प्रदर्शनी लगेगी.
  • सुशासन, विकास और अंत्योदय पर प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन होंगे
  • युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद कार्यक्रम.
  • जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे.

पीएम मोदी देश में सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले नेता भी बन गए हैं. उन्‍होंने 4399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहकर पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा. गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपने कुल कार्यकाल को मिलाकर नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में 9,079 दिन पूरे कर लिए हैं.  प्रधानमंत्री बनने से पहले किसी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का सबसे लंबा अनुभव है. उनके नेतृत्व में बीजेपी ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को ‘सेवा संकल्प महोत्सव’ अभियान का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है. उन्हें बीजेपी ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी नियुक्त किया है. वहीं, जगदीश ईश्वरभाई पटेल को प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है. इन नियुक्तियों के साथ ही भाजपा ने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है. पार्टी का खास फोकस सामाजिक और जातीय समीकरणों को मजबूत करने पर है. इसके तहत उत्तर प्रदेश से गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में भी अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है.

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