मंगलुरु: वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने बीजेपी और आरएसएस पर देश में निरंकुश शासन थोपने का आरोप लगाया है. चिदंबरम ने कहा कि इन लोगों का मुख्य लक्ष्य संघीय ढांचे(फेडरल सिस्टम) को नष्ट करना और हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना है.

पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार एक इतिहास, एक भाषा और एक जीवन शैली थोपना चाहती है जो कि भारतीय संस्कृति और देश का प्रतीक विविधता में एकता के लिए खतरनाक है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में पिछला बीजेपी शासन राज्य के इतिहास में सबसे खराब शासन था.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अपने कार्यकाल में बीजेपी ने तीन बार मुख्यमंत्री बदला. उनके पास शेखी बघारने के लिए कोई उपलब्धि तो है नहीं, इसलिए वे अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर हमला कर रहे हैं. मेरा सवाल है कि वे अपनी उपलब्धियों के आधार पर चुनाव प्रचार क्यों नहीं कर रहे हैं.’’

चिदंबरम ने कहा, ‘‘बीजेपी कर्नाटक के रास्ते दक्षिण भारत में कदम रखने का प्रयास कर रही है और हमें उसे रोकना चाहिए. यह दक्षिण भारत की विविधता के लिए खतरनाक संकेत है.’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें पद की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए. फील्ड मार्शल करियप्पा और जनरल थिमय्या के बारे में उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान जो बयान दिया, वह गलत है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाया जाना चाहिए. मोदी सरकार ऐसा इसलिए नहीं कर रही है क्योंकि वह लोगों को लूटना चाहती है. उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने कहा है कि लोग ईंधन के दाम बढ़ने से घबरा रहे हैं, इसलिए उन्होंने कुछ समय के लिए दाम में वृद्धि पर रोक लगा दी है.

इस पर चिदंबरम ने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि वह यह क्यों नहीं कह रहे हैं कि मोदी ने मुझे कर्नाटक चुनाव के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में रोजाना बढ़ोत्तरी रोकने का आदेश दिया है.’’उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में कर्नाटक का जीडीपी 6,43,292 करोड़ रुपये से आठ फीसद बढ़कर 9,49,111 करोड़ हो गया.