भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय संगठन में हुए बड़े फेरबदल के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अमित मालवीय की भूमिका को लेकर है. करीब 11 साल तक पार्टी के IT और सोशल मीडिया तंत्र की कमान संभालने वाले अमित मालवीय को अब राष्ट्रीय IT सेल के प्रमुख पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को जिम्मेदारी दी गई है.

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मालवीय को हालांकि केवल एक संगठनात्मक पद से हटाया गया है. पार्टी की ओर से उनकी अगली भूमिका या किसी नई जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. यही वजह है कि अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि पार्टी अमित मालवीय को आने वाले चुनावों को देखते हुए कोई दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है.

बंगाल चुनाव में मालवीय के पास थी दोहरी जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान अमित मालवीय के पास भाजपा के लिए दो अहम जिम्मेदारियां थीं. वह पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी होने के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय IT और सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख भी थे. मालवीय को पहली बार 2020 में, 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले, पश्चिम बंगाल का सह-प्रभारी बनाया गया था. 2026 के चुनाव में भी वह इस भूमिका में बने रहे.

बंगाल में उन्होंने लंबे समय तक जमीन पर काम किया और तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और दूसरे राजनीतिक मुद्दों को पार्टी के अभियान में प्रमुखता से उठाया. उनकी दूसरी बड़ी भूमिका भाजपा के डिजिटल अभियान को संभालने की थी. सोशल मीडिया नैरेटिव, डिजिटल कैंपेन और चुनावी रणनीति को ऑनलाइन और ग्राउंड स्तर पर जोड़ना उनकी जिम्मेदारियों में शामिल रहा.

अब IT सेल की जिम्मेदारी दीपक म्हस्के के पास

भाजपा ने अब अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय IT और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी दी है. म्हस्के छत्तीसगढ़ से आते हैं और लंबे समय से भाजपा के IT और सोशल मीडिया संगठन से जुड़े रहे हैं. विभिन्न विधानसभा चुनावों में डिजिटल कैंपेन से जुड़े रहने के अलावा उन्हें चुनावी डेटा और रणनीति की समझ रखने वाला नेता माना जाता है. म्हस्के की नियुक्ति को भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है. पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में बड़ी संख्या में नए चेहरों को जगह मिली है.

तो क्या अमित मालवीय को मिल सकती है दूसरी बड़ी जिम्मेदारी?

यही इस पूरे बदलाव का सबसे अहम सवाल है. अभी भाजपा ने अमित मालवीय की नई जिम्मेदारी का ऐलान नहीं किया है, इसलिए किसी पद का नाम तय मानना सही नहीं होगा. लेकिन संगठनात्मक बदलाव के बीच उनकी राजनीतिक और चुनावी उपयोगिता को देखते हुए उनके लिए दूसरी भूमिका की संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता.

मालवीय लंबे समय से भाजपा की डिजिटल राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं. 2015 से वह राष्ट्रीय IT सेल की अगुवाई कर रहे थे. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया को भाजपा के चुनावी अभियान का अहम हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी बंगाल में लंबी संगठनात्मक भूमिका भी रही है. ऐसे में पार्टी के पास उनके अनुभव का इस्तेमाल किसी दूसरे चुनावी, संगठनात्मक या रणनीतिक दायित्व में करने का विकल्प मौजूद है.

2027 के चुनावों पर भी रहेगी नजर

भाजपा के लिए अगले साल कई राज्यों (गोवा, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश) के विधानसभा चुनाव महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में संगठन के अनुभवी नेताओं की भूमिका अहम होने वाली है. मालवीय का चुनावी रणनीति, डिजिटल नैरेटिव और संगठनात्मक कैंपेन का अनुभव पार्टी के लिए उपयोगी हो सकता है.

यही वजह है कि IT सेल से उनकी विदाई को फिलहाल जिम्मेदारी खत्म होने के बजाय जिम्मेदारी बदलने की संभावित शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है. हालांकि, यह राजनीतिक अटकल है और भाजपा की ओर से अभी तक ऐसी किसी नई नियुक्ति की पुष्टि नहीं हुई है.