एक साल पहले हुई थी शादी, डॉक्टर ने पत्नी को लगाए इंजेक्शन, कुछ ही घंटों में हो गई मौत... 6 महीने बाद खुलासा
Bengaluru Murder Case: पुलिस जांच में पाया गया कि पीड़ित महिला को प्रोपोफोल नाम की एनेस्थेटिक दवा का इंट्रावीनस इंजेक्शन लगाया गया था, जिसका इस्तेमाल सिर्फ ऑपरेशन थिएटरों में किया जाता है.

कर्नाटक में बेंगलुरु पुलिस ने विक्टोरिया अस्पताल के जनरल सर्जन डॉ. महेंद्र रेड्डी को उनकी पत्नी डॉ. कृतिका एम. रेड्डी की हत्या के आरोप में बुधवार (15 अक्टूबर, 2025) को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि महेंद्र ने पत्नी को प्रोपोफोल नामक एनेस्थेटिक दवा देकर मार डाला. यह दवा आमतौर पर केवल ऑपरेशन थिएटर में ही इस्तेमाल की जाती है.
दोनों डॉक्टरों ने 26 मई, 2024 को शादी की थी, लेकिन शादी के एक साल के भीतर, 23 अप्रैल, 2025 को कृतिका की मौत हो गई. वह उस समय अपने पिता के घर मराठाहल्ली में रह रही थीं, क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी.
पुलिस जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच में पता चला कि महेंद्र दो दिनों तक वहां गया और उसने पत्नी को कई बार इंट्रावीनस इंजेक्शन लगाए, यह कहकर कि यह उनके इलाज का हिस्सा है, लेकिन कुछ ही घंटों में कृतिका बेहोश होकर गिर पड़ीं और पास के एक प्राइवेट अस्पताल में डेड ऑन अराइवल घोषित कर दी गईं.
शुरुआत में पुलिस ने इसे अप्राकृतिक मृत्यु के तौर पर दर्ज किया, क्योंकि मौत सामान्य लग रही थी, लेकिन कृतिका की बड़ी बहन, डॉ. निकिता एम. रेड्डी, जो रेडियोलॉजिस्ट हैं, ने संदेह जताते हुए विस्तृत जांच की मांग की.
फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने पर आरोपी की हुई गिरफ्तारी
करीब छह महीने बाद, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में कृतिका के कई अंगों में प्रोपोफोल की मौजूदगी पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत एनेस्थेटिक दवा के कारण हुई थी. इसके बाद, मराठाहल्ली पुलिस ने मामले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या के रूप में दर्ज कर लिया और महेंद्र को उडुपी के मणिपाल से गिरफ्तार किया, जहां वह घटना के बाद से रह रहा था. उसके खिलाफ पहले ही लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया था.
OT और ICU की दवाओं के इस्तेमाल से की पत्नी की हत्या
पुलिस के मुताबिक, महेंद्र ने अस्पताल में अपनी पेशेवर पहुंच का दुरुपयोग कर ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की दवाओं तक पहुंच बनाई और उसी का इस्तेमाल पत्नी की हत्या में किया. बाद में उसने मौत को प्राकृतिक कारणों से जोड़ने की कोशिश की. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने अपने मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल इस अपराध की योजना और छुपाव के लिए कैसे किया.
पहले से आपराधिक मामलों में शामिल था महेंद्र का परिवार
आगे की जांच में यह भी सामने आया कि महेंद्र का परिवार पहले से ही आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. उसके जुड़वां भाई डॉ. नागेंद्र रेड्डी जीएस पर 2018 में HAL थाने में कई धोखाधड़ी और आपराधिक मामले दर्ज थे. जबकि महेंद्र और उसके दूसरे भाई राघव रेड्डी जीएस को 2023 में उसी शिकायतकर्ता के परिवार को धमकाने के मामले में सह-आरोपी बनाया गया था. कृतिका के परिवार का आरोप है कि इन तथ्यों को शादी के वक्त छिपाया गया था.
अपने सपने को साकार करने में जुटी थी डॉ. कृतिका
28 साल की डॉ. कृतिका एक उच्च शिक्षित त्वचा रोग विशेषज्ञ थीं. उन्होंने एमबीबीएस वाइडेही इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से, एमडी (डर्मेटोलॉजी) नवोदय मेडिकल कॉलेज, रायचूर से और डीएनबी (डर्मेटोलॉजी, वेनेरियोलॉजी एंड लेप्रोसी) एनबीईएमएस से किया था. वह 4 मई, 2025 को अपने सपनों का क्लिनिक “स्किन एंड स्कैल्प” शुरू करने वाली थीं.
कृतिका के पिता ने बेटी के लिए की न्याय की मांग
उनके पिता मुनी रेड्डी ने 14 अक्टूबर, 2025 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद महेंद्र की गिरफ्तारी हुई. उन्होंने पुलिस से कहा, ‘कृतिका ने अपने पति पर पूरा भरोसा किया था. उसे उनके प्यार और पेशे दोनों पर विश्वास था. लेकिन उसी मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल उसकी जान लेने के लिए किया गया, जो लोगों की जान बचाने के लिए होता है. कृतिका को न्याय मिलना हर उस महिला के लिए न्याय है, जो प्यार और ईमानदारी पर भरोसा करती है.’
यह भी पढे़ंः Marijuana Chocolates: स्टेशन पर मिला संदिग्ध बैग, खोलने पर निकली गांजे वाली चॉकलेट, जानें पूरा मामला
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























