सीबीआई ने बेंगलुरु में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल पावर रिसर्च स्टूडेंट (CPRI) के जॉइंट डायरेक्टर राजाराम मोहनराव चेन्नु और मेसर्स सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनीज के डायरेक्टर अतुल खन्ना को रिश्वत लेते हुए पकड़ा. दोनों पर आरोप है कि वे इलेक्ट्रिकल इक्यूपमेंट की टेस्टिंग रिपोर्ट में फेवर देने के बदले मोटी रिश्वत ले रहे थे. 

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सीबीआई के मुताबिक, 08 जनवरी 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में आरोप था कि CPRI के जॉइंट डायरेक्टर और कुछ निजी लोग निजी कंपनी को इलेक्ट्रिकल इक्यूपमेंट की फेवरेबल टेस्टिंग रिपोर्ट्स देने के बदले रिश्वत ले रहे हैं. ये रिश्वत मेसर्स सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से दी जा रही थी.

FIR के तुरंत बाद सीबीआई का एक्शन

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एफआईआर के बाद सीबीआई ने फौरन ट्रैप लगाया और 09 जनवरी को बेंगलूरु में दोनों आरोपियों को 9.5 लाख रुपये की रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया. CBI की टीम मौके पर मौजूद थी और जैसे ही रिश्वत की डील हुई, दोनों को तुरंत दबोच लिया गया.

इसके बाद CBI ने जॉइंट डायरेक्टर राजाराम मोहनराव चेन्नु के घर पर तलाशी ली. तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को 3.59 करोड़ रुपये कैश, इसके अलावा विदेशी करेंसी भी मिली, जिसमें यूएस डॉलर, हांगकांग डॉलर, सिंगापुर डॉलर, इंडोनेशियन रुपया, मलेशियाई रिंग्गित, यूरो, युआन (रेनमिनबी), स्वीडिश क्रोना और यूएई दिरहम शामिल है. विदेशी करेंसी की कीमत लगभग 4.05 लाख रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा ज्वेलरी और अन्य  दस्तावेज भी मिले.

अबतक की इतनी रकम हुई रिकवर

अब तक की गिनती के मुताबिक, कुल 3.76 करोड़ रुपये कैश और विदेशी करेंसी बरामद हो चुके है. तलाशी अभी जारी है और आने वाले समय में बरामदगी और बढ़ सकती है. CBI ने कहा है कि यह मामला मिलीभगत भ्रष्टाचार का है, यानी सरकारी अफसर और निजी कंपनी मिलकर रिश्वत का काम कर रहे थे. CBI दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और ये जानकारी जुटा रही है कि इनके साथ इस रिश्वतखोरी में कौन कौन और शामिल था.