नई दिल्ली: पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की बदतर हालत का एक और सबूत सामने आया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के पूर्व विधायक बलदेव कुमार को अपने परिवार समेत जान बचाकर भारत में आना पड़ा. उन्होंने भारत में राजनीतिक शरण की मांग की है. बलदेव खैबर पख्तून ख्वा (केपीके) विधानसभा में बारीकोट (आरक्षित) सीट से विधायक रहे हैं.

बता दें कि बलदेव (43) पिछले महीने खन्ना पहुंचे. इसके कुछ महीने पहले उन्होंने अपने परिवार को पहले ही यहां भेज दिया था. बलदेव अब वापस नहीं लौटना चाहते. वह भारत में शरण के लिए जल्द ही आवेदन करेंगे. बलदेव का कहना है कि अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहे हैं. हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं.

क्या कहा बलदेव कुमार सिंह ने

बलदेव कुमार सिंह ने कहा कि इमरान खान अपने वादों पर खरे नहीं उतरे हैं, मैं वहां सुरक्षित नहीं था. सिर्फ मुझपर नहीं बल्कि सभी हिंदू और सिखों पर भी वहां खतरा बना हुआ है. जब मेरे ऊपर अत्याचार बढ़ने लगा तो मैं वापस भारत आ गया.  उन्होंने कहा, '' भारत सरकार को एक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए ताकि जो सिख और हिन्दू परिवार वहां रह रहे हैं वो भारत आए. मैं चाहता हूं कि मोदी सरकार कुछ करे, अल्पसंख्यकों को वहां प्रताड़ित किया जा रहा है.''

बता दें कि साल 2016 में उनके विधानसभा क्षेत्र के सिटिंग विधायक की हत्या कर दी गई थी. उनकी हत्या के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए गए और उन्हें दो साल जेल में रखा गया. वह इस मामले में 2018 में बरी हुए.

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