Dhirendra Shastri On Hindu Rashtra: नई दिल्ली में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन में जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने भारत को इस्लाम की जन्मभूमि बताया तो एक नई बहस को हवा मिल गई. इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि देश किसका है. इस बीच बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री का एक बयान सोशल मीडिया पर फैल रहा है जिसमें वो बता रहे हैं कि भारत किसका है.
देश की राजधानी दिल्ली में रविवार (12 फरवरी) को मुसलमानों के बड़े संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न हुआ. अधिवेशन में वैसे तो इस्लाम और मुसलमानों की बेहतरी पर चर्चा होनी थी लेकिन ये चर्चा में आ गया अपने विवादित बयानों को लेकर.
जमीयत के अधिवेशन में बवालअधिवेशन के दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने भारत को इस्लाम की जन्मभूमि बताया. महमदू मदनी ने कहा कि भारत जितना मोहन भागवत का है उतना ही मदनी का भी. महमदू मदनी के बाद एक दूसरे मौलाना अरशद मदनी जब बोले तो वो आगे निकल गए. उन्होंने हिंदुओं के पूर्वजों को भी इस्लाम से जुड़ा बता डाला. अरशद मदनी ने कहा कि हिंदुओं के पूर्वज जिसे मनु कहा जाता है, वो आदम ही थे और इस तरह हिंदुओं के पूर्वज भी इस्लाम से आते हैं. इस बयान का उसी मंच पर बैठे दूसरे धर्मगुरुओं ने विरोध कर दिया और उठकर चले गए. जैन मुनि लोकेश ने तो उसी मंच से कह दिया कि इस बयान ने एकता के सम्मेलन पर पलीता लगा दिया.
बयान आए और उसका विरोध हुआ लेकिन बात खत्म नहीं हुई. दक्षिण एशिया में इस्लाम को मानने वाली एक बड़ी जमात पर गहरा असर रखने वाले देवबंदी स्कूल के दो बड़े मौलानाओं की एक जैसी बात पर देश में चर्चा शुरू हो गई. इस बात को लेकर बहस होने लगी कि ये देश हिंदुओं का है या मुसलमानों का.
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया किसका है भारतवैसे ये पहली बार नहीं है जब ये बहस छिड़ी है. बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री भी भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं. देश में सनातन सरकार चाहते हैं. धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र में किसे जगह मिलेगी, इसके बारे में उन्होंने खुद ही बताया है. अपने एक प्रवचन में धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं, सामाजिक समरसता, सबमें प्रेम, सर्वधर्म समन्वय. हिंदू राष्ट्र का मतलब हमें किसी पंथ से मतलब नहीं है."
धीरेंद्र शास्त्री ने रविवार (13 फरवरी) को मध्य प्रदेश के छतरपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना उनका लक्ष्य है. सबको सनातनी बनाना उनका लक्ष्य है. बागेश्वर धाम सरकार ने देश में सनातन विरोधियों के बहिष्कार की अपील की.
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