समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान को ईडी की टीम ने रामपुर जेल के बाहर अरेस्ट किया है. ईडी की टीम पैरामिलिट्री फोर्स के साथ पहुंची थी. ईडी की करीबन तीन गाड़ियां रामपुर जेल के बाहर खड़ी हुई थीं.
ED ने आजम खान के खिलाफ यह कार्रवाई साल 2019 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है. पूरा केस रामपुर में स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं, करप्शन और जमीन हड़पने के आरोपों से जुड़ा है. इससे पहले 28 अक्टूबर को मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया था. इन प्रॉपर्टी का मूल्य 400 करोड़ से ज्यादा का बताया गया था.
वहीं, जब जेल से रिहा होकर निकले और कस्टडी में जाने से पहले आजम खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है. क्या मुसलमान होने की यही सजा है?
उन्होंने कहा कि हमारी गलती बस इतनी थी, कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई. यही हमारा गुनाह है. हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए. क्या यही हमारा गुनाह है?
समर्थकों का हाथ हिलाकर किया अभिवादन
जेल के बाहर का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें वह रामपुर जेल से बाहर आते हैं, तभी उन्हें ईडी कस्टडी में ले जाती है. गाड़ी में बैठने से पहले वह मौके पर मौजूद समर्थकों की ओर हाथ हिलाते हुए नजर आए और आसमान की तरफ अल्लाह की ओर इशारा करते देखे गए. इसके बाद उन्हें गाड़ी में बिठाकर ईडी की टीम ले गई. इस दौरान आसपास भारी पुलिस बल और सुरक्षा बल नजर आया.
इलाबाहद हाईकोर्ट ने दी थी राहत
आजम खान को ईडी ने जेल के बाहर एक दर्ज मामले में अरेस्ट किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे, पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को राहत दी थी. कोर्ट ने इससे पहले उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत देने की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.
