देश की विमानन नियामक संस्था डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) ने इंडिगो एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आरोप है कि एयरलाइन ने तीन अहम हवाई अड्डों के लिए अपने 1,700 पायलटों को ऐसे सिमुलेटर पर प्रशिक्षण दिया, जो “गैर-मान्यता प्राप्त” थे. यह जानकारी डीजीसीए ने एयरलाइन के रिकॉर्ड और ईमेल जवाबों की जांच के बाद दी है. नोटिस में कहा गया है कि कैटेगरी C (क्रिटिकल) एयरफील्ड ट्रेनिंग पायलटों के लिए गैर-मान्यता प्राप्त सिमुलेटर पर कराई गई. ये ट्रेनिंग कोझिकोड, लेह और काठमांडू जैसे कठिन और संवेदनशील हवाई अड्डों के लिए दी गई थी. नियमों के मुताबिक, ऐसे प्रशिक्षण के लिए फुल फ्लाइट सिमुलेटर (FFS) का संबंधित एयरपोर्ट मॉडल के लिए प्रमाणित होना जरूरी है, लेकिन जांच में पता चला कि जिन सिमुलेटरों का इस्तेमाल किया गया, वे इन एयरपोर्ट मॉडल्स के लिए योग्य नहीं थे.

20 सिमुलेटरों में खामियां पाई गईं 

नोटिस में यह भी बताया गया कि कुल 20 सिमुलेटरों में खामियां पाई गईं हैं.  इनमें दिल्ली (2), चेन्नई (2), हैदराबाद (2), ग्रेटर नोएडा (5), गुरुग्राम (5), बेंगलुरु (4). ये सभी सिमुलेटर तीनों हवाई अड्डों पर संचालन के लिए मान्य नहीं थे. डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो के डायरेक्टर (ट्रेनिंग) पर यह जिम्मेदारी थी कि वे सभी नागरिक उड्डयन नियमों का पालन सुनिश्चित करें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. क्या लिखा है DGCA के नोटिस में?

नोटिस में लिखा गया  "आपने क्लास III (क्रिटिकल) एयरपोर्ट से जुड़े प्रशिक्षण के लिए उचित और मान्य सिमुलेटर का उपयोग सुनिश्चित नहीं किया, जो CAR प्रावधानों का उल्लंघन है." इंडिगो से 14 दिन के भीतर मांगा जवाब  

डीजीसीए ने इंडिगो से 14 दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि इस चूक पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय पर जवाब नहीं मिला तो एकतरफा कार्रवाई की जाएगी.

इंडिगो ने भी की नोटिस मिलने की पुष्टि

इंडिगो के प्रवक्ता ने नोटिस मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा- "यह नोटिस हमारे कुछ पायलटों के सिमुलेटर प्रशिक्षण से जुड़ा है. हम इसकी समीक्षा कर रहे हैं और तय समय में डीजीसीए को जवाब देंगे. हम अपनी सभी गतिविधियों में सुरक्षा और अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं."