असम पुलिस ने अंतरराज्यीय आतंकी वित्तपोषण के एक संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छात्र संघ के एक नेता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने ने बताया कि जबरन वसूली और धन उगाही करने वाले नेटवर्क के पीछे के मकसद और जिस संगठन के लिए धन एकत्र किया जा रहा था, उसका पता लगाने के लिए जांच जारी है.
अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) मृण्मॉय दास और अपराध शाखा के दिनेश प्रताप सिंह राठौर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक केंद्रीय एजेंसी से खुफिया जानकारी मिली थी कि तिनसुकिया जिले से वसूली गई धनराशि को क्षेत्र से बाहर भेजा जा रहा है. जांच के दौरान, एक समाचार पोर्टल में पत्रकार के रूप में काम करने वाले देबाशीष गोहेन का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
असम में चरमपंथी फंडिंग रैकेट का खुलासा
अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान गोहेन ने खुलासा किया कि महाराष्ट्र निवासी शेख वसीम को काफी बड़ी रकम हस्तांतरित की गई थी. उन्होंने कहा कि वसीम इससे पहले कई बार पूर्वोत्तर क्षेत्र की यात्रा कर चुका था. उसे महाराष्ट्र में वहां की पुलिस की सहायता से तिनसुकिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के लिए उसे यहां लाया जाएगा. जांच के आधार पर, पुलिस ने जोरहाट के दीपू चेतिया पात्रा, नाहरकटिया (डिब्रूगढ़) के मृत्युंजय कोनवार और तिनसुकिया के छात्र संघ नेता समर ज्योति गोहेन को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी धन इकट्ठा करने और उसे राज्य के बाहर भेजने में शामिल थे. जांचकर्ताओं को संदेह है कि इनका संबंध चरमपंथी गतिविधियों से भी हो सकता है. आरोपियों के खिलाफ तिनसुकिया थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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