Assam Exit Poll 2026:असम विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के आंकड़े राज्य की राजनीति में एक बार फिर स्पष्ट बहुमत की तस्वीर उकेरते दिखाई दे रहे हैं. 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए आए इन अनुमानों में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि विपक्षी दलों का प्रदर्शन बिखरा हुआ नजर आता है. वोट शेयर और सीटों के अनुमान दोनों ही यह संकेत देते हैं कि सत्तारूढ़ खेमे ने अपनी पकड़ बनाए रखने में सफलता हासिल की है.
चुनावी नतीजों में BJP को कितनी सीटें मिलने का अनुमान
पोल डायरी के अनुसार, एनडीए को कुल मिलाकर 86 से 101 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े 64 से काफी ऊपर है. इस गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है, जिसने 91 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 75 से 86 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. भाजपा का वोट शेयर 36.47 प्रतिशत के आसपास बताया गया है, जो उसकी चुनावी रणनीति की सफलता को दर्शाता है.
भाजपा के सहयोगियों का रिजल्ट कैसा?
एनडीए के अन्य सहयोगियों में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) शामिल हैं. बीपीएफ ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 5 से 7 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उसका वोट शेयर 3.89 प्रतिशत बताया गया है. वहीं, एजीपी ने 24 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और उसे 6 से 8 सीटें मिल सकती हैं, उसका वोट शेयर 6.74 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है. कुल मिलाकर एनडीए का वोट शेयर 47.10 प्रतिशत बताया गया है, जो 2021 से 4 प्रतिशत से ज्यादा है.
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कांग्रेस को असम में मिलेंगी कितनी सीटें?
दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष इस चुनाव में कमजोर स्थिति में दिखाई दे रहा है. कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे केवल 15 से 24 सीटें मिलने का अनुमान है. पार्टी का वोट शेयर 34.29 प्रतिशत बताया गया है, जो यह दर्शाता है कि उसे वोट तो मिले, लेकिन वे सीटों में पर्याप्त रूप से परिवर्तित नहीं हो सके. असम में अगर पोल डायरी के एक्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस के गठबंधन को 8 प्रतिशत वोट का नुकसान होता दिख रहा है.
कांग्रेस के सहयोगियों की नौका मझधार में
कांग्रेस के साथ खड़े अन्य दलों में रायजोर दल और असम जातीय परिषद (एजेपी) शामिल हैं. रायजोर दल ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि उसका वोट शेयर 2.78 प्रतिशत है. एजेपी ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसके खाते में भी 0 से 1 सीट आने का अनुमान है, वोट शेयर 1.42 प्रतिशत बताया गया है. कुल मिलाकर इस खेमे का वोट शेयर 38.49 प्रतिशत है, लेकिन सीटों का अनुमान केवल 15 से 26 के बीच है, जो बताता है कि कांग्रेस को अपने गठबंधन का फायदा इस बार चुनाव में मिलता नहीं दिख रहा है.
AIUDF, UPPL और AAP की स्थिति क्या?
अन्य दलों की बात करें, तो ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 2 से 5 सीटें मिलने का अनुमान है. उसका वोट शेयर 8.12 प्रतिशत बताया गया है. यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 1 से 2 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि उसका वोट शेयर 3.45 प्रतिशत है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने 18 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एग्जिट पोल में उसे कोई सीट मिलती नहीं दिख रही है, हालांकि उसका वोट शेयर 2.84 प्रतिशत के आसपास बताया गया है.
असम में एकतरफा नजर आ रहा चुनावी मुकाबला
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि असम में चुनावी मुकाबला लगभग एकतरफा ही नजर आ रहा है. एक्जिट पोल के अनुमानों का झुकाव स्पष्ट रूप से एनडीए के पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है. भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वोटों को प्रभावी ढंग से सीटों में तब्दील किया है, जबकि विपक्षी दलों के बीच वोटों का बंटवारा उनके लिए नुकसानदेह साबित होता नजर आ रहा है.
