असम में विधानसभा चुनाव होने में अब छह महीने से भी कम समय बचा है. इससे पहले चुनाव आयोग ने शनिवार (27 दिसंबर, 2025) को मतदात सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है. जिसमें से 10.56 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं. 

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चुनाव आयोग की ओर से शनिवार (27 दिसंबर) को जारी इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट रोल के मुताबिक, असम में कुल वोटरों की संख्या 2 करोड़ 51 लाख 9 हजार 754 है. इसमें 93,021 D-वोटर या संदिग्ध वोटर शामिल नहीं हैं. इसके अलावा, वोटर लिस्ट से 10,56,291 मतदाताओं के नाम मृत्यु, भिन्न पता या एक से अधिक प्रविष्टियों के कारण हटाए गए हैं.

क्या है डी-वोटर या संदिग्ध वोटर?

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दरअसल, डी-वोटर या संदिग्ध वोटर असम में मतदाताओं की एक श्रेणी है, जिसमें नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की कथित कमी के कारण सरकार की ओर से वोट करने के अधिकार से वंचित किया गया है. डी-वोटरों की पहचान विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत गठित स्पेशल ट्रिब्यूनल की ओर से की जाती है. ऐसे में असम में जिस व्यक्ति को डी-वोटर घोषित किया जाता है, उसे चुनाव आयोग की ओर से वोटर आईडी जारी नहीं किया जाता है. 

22 नवंबर से 20 दिसंबर तक चले SIR के बाद ड्राफ्ट सूची जारी

चुनाव आयोग ने असम में 22 नवंबर, 2025 से 20 दिसंबर तक किए गए घर-घर सत्यापन के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को जारी किया है. अब राज्य के वोटर 22 जनवरी, 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी, 2026 को प्रकाशित की जाएगी.

चुनाव आयोग ने असम में SIR के जारी किए आंकड़े

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, असम के वोटर लिस्ट से कुल 10.56 लाख वोटरों के नाम हटाए गए, जिसमें से,

  • 4,78,992 नाम मृत्यु के कारण
  • 5,23,680 वोटर पते से स्थानांतरित पाए जाने पर
  • 53,619 नाम एक से ज्यादा प्रविष्टियों के समान पाए गए, जिन्हें सुधार के लिए चिह्नित किया गया.

इस सत्यापन प्रक्रिया में राज्य भर के 61,03,103 घरों को कवर किया गया. इस प्रक्रिया में 35 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), 126 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), 1,260 AERO, 29,656 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 2,578 BLO सुपरवाइजर शामिल थे, जबकि राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया में सहायता और निगरानी के लिए 61,533 बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए थे. 

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