Asaduddin Owaisi On Manipur Violence: हिंसा से जूझ रहे मणिपुर के हालात का जायजा लेने जा रहे विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार (28 जुलाई) को कहा कि उन्हें बुलाया जाता तो वह जरूर शामिल होते. 

ओवैसी ने कहा, ''मैं INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हूं, इसलिए ही मुझे वहां बुलाया नहीं गया है. अगर मुझे बुलाया जाता तो जरूर शामिल होता.'' बता दें कि 16 विपक्षी दलों के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल 29 और 30 जुलाई को मणिपुर में हिंसा प्रभावित राहत शिविरों का दौरा करेगा. नेता पीड़ितों से बात करेंगे और राज्य के हालात का जायजा लेंगे. 

मणिपुर हिंसा मामले पर ये बोले असदुद्दीन ओवैसी

मणिपुर हिंसा के मामले पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''मणिपुर की घटना के वीडियो से उन दो महिलाओं की छवि खराब हुई है और यह मणिपुर में बीजेपी की सरकार के रहते बीते 80 दिनों से हो रहा है. मणिपुर की घटना से बीजेपी और मोदी जी से जवाब देते नहीं बन रहा था तो अब पूरे देश की छवि खराब होने के बाद से बीजेपी इस मुद्दे पर संसद में बहस के लिए तैयार हुई है.''

मणिपुर को लेकर ओवैसी का मोदी सरकार पर निशाना

न्यूज एजेंसी एएनआई से एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा, ''मुद्दा यह है कि मोदी सरकार अपनी छवि को लेकर ज्यादा चिंतित है. यह हिंसा पिछले तीन महीनों से जारी है... यह शर्मनाक है कि उन्हें उन दो महिलाओं और कई अन्य महिलाओं के साथ हुए रेप की कोई चिंता नहीं है. उनके लिए सब कुछ एक साजिश है, लेकिन मणिपुर में हिंसा के बारे में क्या?''

ओवैसी ने कहा, ''वे जानबूझकर इसे नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए साजिश का एक नया कोण दिया जा रहा है... मुख्यमंत्री को हटाएं, सारी जांच सीबीआई को सौंपी जाए और हथियार लूटने का मामला एनआईए को दिया जाए. तभी न्याय हो सकेगा.''

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