तेलंगाना में नगर निकाय चुनावों को लेकर चुनावी पारा चढ़ता जा रहा है. इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार (1 फरवरी) की शाम नलगोंडा के रहमत नगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. 

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इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के कोटद्वार की एक घटना का हवाला देकर बीजेपी और आरएसएस पर जोरदार हमला बोला. ओवैसी ने 'मोहम्मद दीपक' नाम के एक हिंदू युवक की बहादुरी को 'सच्चे भारत' की तस्वीर बताते हुए कहा कि अगर देश के युवा इसी तरह नफरत की राजनीति का मुकाबला करेंगे तो बीजेपी -आरएसएस का शासन खत्म हो जाएगा.

भावुक हुए ओवैसी  अपने संबोधन में ओवैसी भावुक हो गए और उन्होंने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन उत्तराखंड में हुई एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे एक 70 वर्षीय बुजुर्ग वकील अहमद की दुकान को निशाना बनाया गया. ओवैसी ने कहा कि तब वहां दीपक कुमार नाम का एक स्थानीय हिंदू युवक ढाल बनकर खड़ा हो गया.

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उत्तराखंड की बीजेपी सरकार पर साधा निशानाओवैसी ने बताया कि जब उपद्रवियों ने उसका नाम पूछा तो उसने डटकर जवाब दिया, "मेरा नाम मोहम्मद दीपक है." ओवैसी ने इसे संविधान और भाईचारे की जीत बताते हुए कहा कि यही वह भारत है जिसे बीजेपी नष्ट करना चाहती है. ओवैसी ने उत्तराखंड की बीजेपी सरकार और पुलिस पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उपद्रवी हाईवे जाम कर रहे थे, तो पुलिस मूकदर्शक बनी रही.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस ऐसे तमाशा देख रही थी जैसे किसी के घर में बैठकर नाश्ता कर रही हो. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब दुकान चलाने के लिए भी किसी संगठन की इजाजत लेनी होगी?

11 फरवरी को होने वाले नगर पालिका चुनावों को लेकर ओवैसी ने मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि नलगोंडा के विकास के लिए मजलिस को मजबूत करना जरूरी है. यह रैली तेलंगाना की 116 नगर पालिकाओं और 7 नगर निगमों में होने वाले चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ओवैसी का 'मोहम्मद दीपक' वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसे ध्रुवीकरण की राजनीति के खिलाफ एक नया मैसेज माना जा रहा है. 

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