नई दिल्ली: चीन के साथ जारी तनाव को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है. असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री कार्यलय के उस बयान पर निशाना साधा है जिसमें गया गया था कि हमारे देश की सीमा में कोई नहीं घुसा है. असदुद्दीन ओवैसी ने समाचार एजेंसी ANI के ट्वीट को रिट्विट करते हुए सवाल किया कि पीएमओ के मुताबिक, ना कोई घुसा है, ना कोई घुसा हुआ है तब "डी-एस्केलेशन" क्यों ?

ओवैसी ने पूछा कि क्या किसी भी सूरत में "डी-एस्केलेशन" का मतलब है कि चीन को वो करने देना चाहिए जो वह चाहता है? इसके साथ ही ओवैसी ने सवाल उठाए कि हम चीन पर भरोसा क्यों कर रहे हैं.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब 6 जून के समझौते के बाद उसने धोखा किया है. क्या चीन ने "डी-एस्केलेशन" का भी वादा किया था.

बता दें कि आज पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन ने 1.5 से 2 किमी तक अपने टैंट पीछे कर लिए हैं. ये टैंट चीने ने पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 से पीछे किए हैं. पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 वही जगह से जहां 15-16 जून की दरम्यानी रात भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. चीन ने ये टैंट डिसइंगेजमेंट के तहत पीछे हटाए हैं. दोनों देशों की सेना ने डिसइंगेजमेंट पर सहमति जताई है और सेनाएं मौजूदा स्थान से पीछे हटी हैं. इस डिसइंगेजमेंट के साथ ही भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच नियंत्रण रेखा पर बफर जोन बन गया है.

इस मामले पर रक्षा विशेषज्ञ केके सिन्हा ने कहा, "हमने चीन से कहा था कि गलवान घाटी पर हमारा अधिकार है, आप यहां से अपनी सेना हटा ले, लेकिन वह नहीं माने. फिर भारत-चीन के बीच सेनाओं के 5 किमी पीछे हटने की बात हुई थी. लेकिन चीनी सेना अभी सिर्फ 1.5 किमी पीछे हटी है."