नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस को मतदाता सूची के संबंध में दिल्ली के लोगों को आने वाले 'भ्रामक कॉल्स' की जांच के लिए कहा है. इस आदेश कुछ घंटे बाद ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के दफ्तर में तब्दील हो गया है. इसके बाद से आप और बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आप की मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी आप के स्वयंसेवक लोगों को फोन करके बता रहे हैं कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है और पार्टी संयोजक उन्हें फिर से जोड़ रहे हैं.

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘चुनाव आयोग को बीजेपी कार्यालय में बदलने के लिए आपके चुनाव आयुक्तों को इस्तीफा दे देना चाहिए. शर्मनाक, मोदीजी हर संस्थान को नष्ट कर रहे हैं. हम बीजेपी को उसकी साजिश में कामयाब नहीं होने देंगे.’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला किया और उनसे कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस को 'गलत और गंदे' कृत्यों में लिप्त न करें, और कहा कि देश किसी भी पार्टी या व्यक्ति की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है.

मनोज तिवारी ने आप पर लोगों को ‘गुमराह’ करने और समाज में ‘अशांति’ पैदा करने का आरोप लगाया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भारत के संविधान का सम्मान नहीं करने वाले एक राजनीतिक दल द्वारा गंभीर अपराध किया गया है. नागरिकों को गुमराह करने और समाज में अशांति पैदा करने की कोशिश के लिए आम आदमी पार्टी की मान्यता रद्द की जानी चाहिए. दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करना चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए.’’

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