श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बारामूला में हुए आतंकी हमले में गिरफ्तार आतंकी ने चरमपंथियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की. उसने एक वीडियो के जरिए अपने साथियों से यह गुजारिश की है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

आतंकवादी ने दो मिनट के वीडियो में कहा, ‘‘मेरा नाम एजाज़ अहमद गोजरी है. मैं अपने परिवार को छोड़ गलत रास्ते पर चला गया था. मै जंगलों में रह रहे दोस्तों सुहैब अखून, मोहसीन मुश्ताक भट और नासिर अमीन द्राज़ी से घर लौटने की गुजारिश करता हूं. मैं नासिर से गुजारिश करता हूं कि वापस आ जाओ क्योंकि उसकी मां बहुत बीमार है.’’

यह वीडियो उसके सेना की हिरासत में रहने के दौरान शूट किया गया है. उसने कहा, ‘‘पाकिस्तान युवाओं को गुमराह कर रहा है.’’उत्तर कश्मीर में कल लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भांडाफोड़ कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें वे चार दहशतगर्द भी शामिल हैं जो 30 अप्रैल को बारामूला में तीन लड़कों की हत्या के लिए कथित रूप से जिम्मेदार हैं.

कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक स्वयं प्रकाश पाणि ने कहा, ‘‘हमारे पास यह बताने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं कि गैर कानूनी संगठन लश्कर-ए-तैयबा समूह का हाथ उत्तर कश्मीर में हिंसा भड़काने और बेगुनाह लोगों की हत्या करने में है.’’

वीडियो में गोजरी ने कहा कि सेना ने उसे मारने के बजाय गिरफ्तार कर नई जिंदगी दी है. उसने कहा, ‘‘हमने सैन्य कर्मियों पर गोलियां चलाईं लेकिन उन्होंने हम पर गोलियां नहीं चलाईं. मै मौके से भागकर जंगल में छुप गया, लेकिन सेना ने मुझे ढूंढ लिया और मुझे मारने के बजाय उन्होंने मुझे गिरफ्तार कर लिया और मुझे नई जिंदगी दी.’’

गोजरी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान में बैठे नेता, भारतीय सेना के बारे में हमें गलत जानकारी देते हैं जो सच नहीं है. आपको आना चाहिए और सेना के अफसरों से मिलना चाहिए. यह एक साजिश है जिसमें वे (पाकिस्तानी) हमारी जिंदगियों से खेल रहे हैं.’’

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