नई दिल्ली: एलएसी पर चीन से चल रहे टकराव के बीच भारतीय सेना ने रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर मिलिट्री ट्रेन पर टैंक, गाड़ियां और दूसरा सैन्य साजो सामान लादकर ट्रायल किया. ये ट्रायल हरियाणा के रेवाड़ी से राजस्थान के फुलेरा तक किया गया. 


हाल ही में भारतीय रेल ने सामान लाने ले जाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शुरू किया है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का वर्चअल उद्घाटन किया था. सेना भी अपने टैंक, तोप, गाड़ियां इत्यादि को बॉर्डर ले जाने के लिए रेलवे की मदद लेती है. यही वजह है कि सेना ने रेलवे की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर ट्रायल-रन किया. 


सेना के मुताबिक, इस तरह के कॉरिडोर से सैन्य साजो सामान को तेजी से मूवमेंट करने में मदद मिलती है. यही वजह है 14 जून यानी सोमवार को सेना ने रेवाड़ी से फुलेरा तक का ट्रायल रन किया. सेना के मुताबिक, इस तरह के ट्रायल से पता चलता है कि किसी भी सैन्य-अभियान के पीछे पूरे राष्ट्र का योगदान होता है. इससे देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग और विभिन्न मंत्रालय और विभागों के बीच समन्वय भी दिखाई पड़ता है.


आपको बता दें कि रेलवे की एक मालगाड़ी में सेना की एक पूरी टैंक की स्कॉवड्रन जिसमें, 14 टैंक होते हैं, लोड किए जा सकते हैं. सेना के मुताबिक, रेलवे और डीएफसी लिमिटेड के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है ताकि सेना रोलिंग-स्टॉक (रॉल ऑन रॉल ऑफ सर्विस) से जुड़ा जहां-जहां भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम रही है, उसे तेजी से पूरा किया जा सके.


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