नोएडा: नोएडा में सोशल मीडिया पर लाइक्स के बदले पैसे देने का लालच देकर सात लाख लोगों से 3700 करोड़ की ठगी का केस सामने आया था. इसके बाद अब ऐसा ही एक और मामला सामने आया है. नोएडा की एक और कंपनी वेबवर्क के ढाई लाख निवेशकों की 500 करोड़ से ज्यादा रकम फंसती नजर आ रही है.

वेबवर्क नाम की इस कंपनी का दफ्तर नोएडा के सेक्टर 2 में है. कंपनी ने शनिवार को अखबारों में नोटिस देकर कहा कि अब वह 20 अप्रैल के बाद ही स्थायी रूप से काम शुरू करेगी. हालांकि नोटिस में निवेशकों के पैसे लौटाने की बात भी कही गई है. नोटिस के मुताबिक, बैंकिंग सिस्टम में फेरबदल के चलते ऑनलाइन पेमेंट में दिक्कत आ रही है. जैसे ही बैंकिंग सिस्टम ठीक होगा, कंपनी पेमेंट और काम शुरू कर देगी.

नोटिस में 20 अप्रैल की तारीख के साथ एक-दो महीने भी लिखा है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति है. बताया जा रहा है कि कानूनी शिकंजे से बचने के लिए कंपनी ने अपना दफ्तर बंद कर दिया है. आगे यह कब खुलेगा, इसका कोई अंदाजा नहीं है. गौरतलब है कि वेबवर्क ने सितंबर 2016 में काम शुरू किया था. सिर्फ 5 महीने में उसका कारोबार 500 करोड़ से ज्यादा हो गया. 3700 करोड़ की ठगी के आरोप में फंसी एब्लेज इंफो सॉल्यूशंस एक लाइक के 5 रुपये देती थी, जबकि वेबवर्क 6 रुपये देने का दावा कर रही थी.

एबीपी न्यूज़ संवाददाता अंजलि सिंह नोएडा के सेक्टर 2 में वेबवर्क के ऑफिस पहुंचीं तो वहां ताला बंद मिला. नोएडा की कंपनी वेबवर्क के निवेशक कई शहरों में फैले हैं, जिन्हें अब अपनी रकम डूबने का खतरा नज़र आ रहा है.