नई दिल्लीः अलवर के रामगढ़ से विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने गौहत्या के शक में मारे गए रकबर के मामले में पुलिस पर ही कार्रवाई की मांग की है. यही नहीं आहूजा ने अलवर के एसपी पर गौ तस्करी करवाने का भी आरोप मढ़ दिया है. ज्ञानदेव आहूजा पहले भी वसुंधरा सरकार के खिलाफ बयानबाज़ी कर चुके हैं. रकबर उर्फ अकबर की मौत के बाद आहूजा पहली बार अपनी विधानसभा क्षेत्र में गए थे. वहां जाकर उन्होंने आरोपियों को बचाने की मांग से लेकर एसपी को हटाने की मांग की है. इस बयान के बाद बवाल मच गया है. बीजेपी खुद के ही विधायक द्वारा उठाए गए सवालों पर कुछ बोलने से बच रही है. वहीं इस मसले पर कांग्रेस ने ज्ञानदेव आहूजा पर अपने लोगों को बचाने की कोशिश का आरोप लगाया है. कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा ने कहा कि ये बात सही है कि पुलिस में रकबर को अस्पताल ले जाने में देर की लेकिन पुलिस के आला अधिकारियों पर गौ तस्करी का आरोप लगाकर वो आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. क्या है मामला राजस्थान के अलवर जिले में 21 जुलाई को गाय तस्करी के संदेह में भीड़ ने रकबर की पीट पीटकर हत्या कर दी थी. 20 जुलाई की रात को रकबर उर्फ अकबर अन्य व्यक्ति के साथ पशुओं को ले जा रहा था, तभी अलवर में लालावंडी गांव के समीप ग्रामीणों के एक समूह ने उसे रोक लिया और गो तस्करी का आरोप लगाते हुए उसकी बेरहमी से कथित तौर पर पिटाई कर दी. जिसमें उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस की भी बड़ी लापरवाही सामने आई थी. पुलिस रकबर को अस्पताल ले जाने से पहले गायों को गौशाला ले गई थी. खुद मामले की जांच कर रहे स्पेशल डीजीपी एन आर के रेड्डी ने कहा था कि मौका ए वारदात को देखने पर पाया गया कि अगर समय पर पुलिस ने रकबर को अस्पताल पहुंचा दिया होता तो उसकी मौत नहीं होती. अलवर लिंचिंग: मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान की वसुंधरा सरकार को भेजा नोटिसअलवर लिंचिंग पोस्टमार्टम रिपोर्ट: 12 चोट के निशान और टूटी हड्डी-पसली से साफ, पिटाई से हुई रकबर की मौत