केंद्र सरकार अग्निवीर योजना में बदलाव किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने डिफेंस मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि सेना के शीर्ष अधिकारियों ने जानकारी दी है कि 2 साल की सेवा पूरी करने वाले सभी अग्निवीरों को भारतीय सेना में स्थायी सेना के रूप में शामिल किया जाएगा. ये खबर ऐसे समय में आई है जब सरकार ने बुधवार को घोषणा की है कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेना से सेवामुक्त होने वाले ‘अग्निवीरों’ को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा. इसके बाद तय शर्तों और नियमों को पूरा करने और अपनी सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती का मौका दिया जाएगा.

Continues below advertisement

सीडीएस जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने इससे पहले कहा था, 'मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, 25 फीसदी अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित बलों में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 फीसदी अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में सेवामुक्त हो जाते हैं. नए बदलावों के तहत इन 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि की पेशकश की जाएगी. इस विस्तारित अवधि के पूरा होने के बाद चयन मानदंडों को पूरा करने वाले और सेवा जारी रखने के इच्छुक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा.'

3 लाख से ज्यादा सैनिक कार्यरत

जून 2022 में शुरू की गई ‘अग्निपथ’ योजना के तहत सैनिकों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की गई. इसमें कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 फीसदी को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था. योजना में ये बदलाव करीब 18,000 अग्निवीरों के सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने के तीन हफ्ते से कुछ अधिक समय पहले किए गए हैं. फिलहाल अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए तीन लाख से अधिक सैनिक सशस्त्र बलों में सेवा दे रहे हैं.

इस योजना के तहत साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है. कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर सरकार को निशाने पर लिया था. उन्होंने सवाल उठाया था कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा, क्योंकि कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 फीसदी को ही 15 साल के लिए नियमित सेवा में रखा जाएगा.