गृह मंत्रालय के अहम निर्देशों के बाद लद्दाख के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी सात जिलों में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC) बनाने के लिए गुरुवार को औपचारिक अधिसूचना को मंजूरी दे दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि स्थानीय शासन को बेहतर बनाने, सत्ता के विकेंद्रीकरण और ऊंचे पहाड़ी बॉर्डर इलाके में सीधे क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव है.
राज्यपाल ने कहा कि हाल तक 'लद्धाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल' का शासन केवल लेह और कारगिल तक ही सीमित था. पांच नए प्रशासनिक जिले- शाम, नुब्रा, चांगथांग, जंस्कार और द्रास बनाने के पहले के फैसले के बाद प्रशासन ने अब यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि हर जिले का अपना स्वायत्त परिषद ढांचा हो.
आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ उम्मीद है कि प्रशासन ने नई बनी परिषदों के चुनाव करान के लिए जरूरी सीमा परिसीमन और चुनावी ढांचे को तैयार करना शुरू कर देगा. स्थानीय नेताओं और नागरिग समाज के ग्रुप ने इस कदम का स्वागत किया है. साथ ही इसे ट्रांस हिमालयी क्षेत्र में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और प्रशासनिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है. बता दें, केंद्र सरकार ने 13 जुलाई 2026 को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में नई LAHDC बनाने की घोषणा की थी.
राज्यपाल ने पीएम-गृहमंत्री को कहा- धन्यवाद
लद्दाख के उप राज्यपाल ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद कहा है. उन्होंने कहा है कि सात काउंसिल की स्थापना से भागीदारी वाले लोकल एडमिनिस्ट्रेशन का विकेंद्रीकरण और मजबूत होंगे. इससे स्थानीय आकांक्षाएं और प्राथमिकताएं जिला स्तरीय योजना और विकास में अधिक प्रभावी ढंग से झलक सकेंगी.
उन्होंने कहा कि यह विकास लद्दाख में जमीनी स्तर पर शासन को विकेंद्रीकृत और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. नई परिषदों के गठन से लोगों को अपने-अपने जिलों के विकास और प्रशासन से जुड़े मामलों में अधिक भागीदारी के लिए संस्थागत तंत्र मिलेगा.
जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने में मील का पत्थर
उन्होंने कहा कि सभी सात जिलों में स्वायत्त पहाड़ीविकास परिषदों का गठन लद्दाख में जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर है. इससे लोग सशक्त होंगे. विकास स्थानीय जरूरतों और अकांक्षाओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकेगा.
अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र की तारीख से होंगी लागू
प्रदेश के राजस्व विभाग की तरफ से अधिसूचना में कहा गया है कि नई बनी परिषदों के चुनाव लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद अधिनियम, 1997 की धारा 8 के तहत औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद उचित समय पर कराए जाएंगे. यह अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से लागू होगी.
