ईंधन किल्लत: एअर इंडिया की अगस्त तक 29 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फ्लाइट्स में भारी कटौती, देखें पूरी लिस्ट
Air India: एअर इंडिया ने विमानों के संचालन में बदलाव और कटौती के पीछे कुछ क्षेत्रों पर लगातार एयरस्पेस बंद होने और जेट फ्यूल की रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ी कीमतों को कारण बताया है.

- एअर इंडिया ने 29 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बदलाव की घोषणा की है.
- संघर्ष, एयरस्पेस बंद होने से जेट फ्यूल महंगा हुआ है.
- यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें या पूर्ण वापसी की सुविधा मिलेगी.
- क्षमता में कमी के बावजूद 1200+ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रहेंगी.
एअर इंडिया एयरलाइंस ने बुधवार (13 मई, 2026) को 29 अंतरराष्ट्रीय रूटों पर अपनी उड़ानों में अस्थायी बदलाव और कटौती करने की घोषणा की है. एयरलाइन इस बदलाव को अगले महीने जून से लागू करने वाली है, जो अगस्त महीने तक चलेगी. विमानों के संचालन में बदलाव और कटौती के पीछे पश्चिया एशिया में जारी संघर्ष की वजह से कुछ क्षेत्रों पर लगातार एयरस्पेस बंद होने और जेट फ्यूल की रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ी कीमतों को कारण बताया गया है.
एयरलाइन ने कहा कि इन परिस्थितियों की वजह से कई इंटरनेशलन रूटों पर विमान संचालन व्यावसायिक रूप से मुश्किल हो गया है. ऐसे में इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य नेटवर्क को ज्यादा स्थिर बनाना और यात्रियों को आखिरी वक्त में होने वाली असुविधाओं से बचाना है.
एअर इंडिया की विमान सेवा का कहां-कहां होगा संचालन?
हालांकि, एअर इंडिया ने कहा है कि इन कटौतियों के बावजूद एयरलाइन हर महीने 1200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती रहेगी. एयरलाइन के नेटवर्क पांच महाद्वीपों तक फैला रहेगा, जिसमें उत्तरी अमेरिका में हर हफ्ते 33 फ्लाइट्स, यूरोप में हर हफ्ते 47 फ्लाइट्स, ब्रिटेन में प्रत्येक सप्ताह 57 फ्लाइट्स, ऑस्ट्रेलिया में हर हफ्ते 8 फ्लाइट्स और दक्षिण-पूर्व एशिया, सुदूर पूर्व, सार्क (SAARC) देशों और अफ्रीका के मॉरीशस के लिए हर हफ्ते 158 फ्लाइट्स नियमित रूप से शामिल होंगी.
यात्रियों को दी जाएंगी ये सुविधाएं
एअर इंडिया ने कहा कि इस दौरान जिन यात्रियों की बुकिंग कैंसिल या किसी भी तरह से प्रभावित होगी, उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में एडजस्ट किया जाएगा. इसके अलावा, तारीख में बदलाव करने की मुफ्त सुविधा या फुल रिफंड की सुविधा भी दी जाएगी. यात्रियों की मदद के लिए एयरलाइन का 24x7 कॉन्टैक्ट सेंटर और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी.
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किन-किन इंटरनेशनल रूटों में किए जाएंगे बदलाव
उत्तरी अमेरिका
- दिल्ली-शिकागोः फ्लाइट सेवा अस्थायी रूप से बंद रहेगी.
- दिल्ली-सैन फ्रांसिस्कोः उड़ानों को साप्ताहिक 10 से घटाकर सात की जाएगी.
- दिल्ली-टोरंटोः जुलाई तक 10 से घटाकर साप्ताहिक पांच रहेंगी, जबकि अगस्त से यह फिर दैनिक हो जाएगी.
- दिल्ली-वैंकूवरः उड़ानें 7 से घटाकर साप्ताहिक पांच की जाएंगी.
- मुंबई-नेवार्कः उड़ानें साप्ताहिक तीन से बढ़ाकर सात की जाएंगी, जबकि दिल्ली-न्यूयॉर्क (JFK) के बीच साप्ताहिक सात उड़ानें जारी रहेंगी.
- दिल्ली-नेवार्क और मुंबई-न्यूयॉर्क (JFK) के बीच उड़ानें अस्थायी रूप से बंद रहेंगी.
यूरोप
- दिल्ली-पेरिस के बीच उड़ानें 14 से घटा हफ्ते में 7 हो गई.
- दिल्ली-कोपेनहेगन के बीच 4 से घटाकर हफ्ते में तीन हो गई.
- दिल्ली-मिलानः हफ्ते में 5 से घटाकर 4 उडानें.
- दिल्ली-वियनाः हफ्ते में 4 से घटाकर 3 उड़ानें हो गई.
- दिल्ली-ज्यूरिख के बीच उड़ानें 4 से घटाकर हफ्ते में तीन हो गई.
- दिल्ली-रोमः हर हफ्ते चार से घटाकर तीन हो गई.
ऑस्ट्रेलिया
- दिल्ली-मेलबर्नः उड़ानें साप्ताहिक 7 से घटाकर 4 की गई.
- दिल्ली-सिडनी के बीच उड़ानें हर हफ्ते 7 से घटाकर 4 की गई.
सिंगापुर, बैंकॉक, कुआलालंपुर जैसे एशियाई रूट्स पर भी बड़ा असर
दिल्ली-शंघाई के बीच अगस्त तक उड़ानें बंद रहेंगी. दिल्ली-सिंगापुर हफ्ते में 24 से घटकर 14 उड़ानें रह गई हैं. मुंबई-सिंगापुर 14 से 7 पर आ गई. चेन्नई-सिंगापुर अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेगी. दिल्ली-बैंकॉक 28 से 21, मुंबई-बैंकॉक 13 से 7 और दिल्ली-कुआलालंपुर 10 से 5 उड़ानें हफ्तेवार हो गई हैं.
इसके अलावा, दिल्ली-हो चिन्ह मिन्ह सिटी जुलाई और अगस्त में 7 से घटकर 4 हो गई. दिल्ली-हनोई के बीच भी जुलाई और अगस्त में हर हफ्ते 5 से 4 उड़ानें रहेंगी.
पड़ोसी देशों से भी कनेक्टिविटी कमजोर
दिल्ली-काठमांडू जून में 42 से घटकर 28 और जुलाई-अगस्त में सिर्फ 21 उड़ानें हफ्तेवार रह जाएंगी. ढाका के लिए मुंबई से उड़ान अगस्त तक बंद है, जबकि दिल्ली से ढाका हफ्ते में 7 से घटकर 4 रह गई. मुंबई-कोलंबो 7 से 4, दिल्ली-कोलंबो 14 से 12 रह गई और दिल्ली-माले अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेगी.
क्षमता में गिरावट सिर्फ आगे के लिए नहीं, अभी से जारी
एविएशन डेटा फर्म OAG के मुताबिक, एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय क्षमता अप्रैल 2026 में पिछले साल की तुलना में 22 फीसदी गिर गई. एयरलाइन ने अप्रैल में सिर्फ 1,987 उड़ानें भरीं, जबकि पिछले साल अप्रैल में यह संख्या 2,549 थी. मई में भी यही सिलसिला जारी है. इस महीने करीब 2,072 उड़ानें ही होंगी, जो पिछले साल के 2,588 के मुकाबले करीब 20 फीसदी कम है और जून के लिए एयरलाइन अतिरिक्त 7 फीसदी कटौती की योजना बना रही है.
एयर इंडिया ने कहा कि वह रेगुलेटर्स, एयरपोर्ट अथॉरिटीज और अन्य साझेदारों के साथ लगातार काम कर रही है, ताकि हालात सामान्य होते ही पूरी क्षमता के साथ सेवाएं फिर से बहाल की जा सकें. हालांकि, अगर ऐसी असामान्य परिस्थितियां आगे भी जारी रहती हैं तो नेटवर्क में आगे भी बदलाव किए जा सकते हैं.
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