सरकार ने Air India को किया तलब, बिना इमिग्रेशन भागे 3 विदेशी
सरकार ने एयर इंडिया को तलब किया है. दिल्ली एयरपोर्ट पर बिना जरूरी इमिग्रेशन क्लीयरेंस कराए तीन विदेशी नागरिकों के भारत से जाने का मामला है.

दिल्ली एयरपोर्ट पर जरूरी इमिग्रेशन क्लीयरेंस कराए बिना तीन विदेशी नागरिकों के भारत से चले जाने के मामले में केंद्र सरकार ने एयर इंडिया को तलब किया है. यह घटनाक्रम तब हुआ है जब नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने एयर इंडिया को 'सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी गंभीर चूक' के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
मंगलवार को बुलाई बैठक
सूत्रों के मुताबिक एयर इंडिया फ्लाइट से इसी महीने बिना इमीग्रेशन जांच पूरी किए तीन विदेशी नागरिकों को म्यूनिख पहुंच जाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आला अधिकारी शामिल होने की उम्मीद है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय पहले ही एयर इंडिया से कई पहलुओं पर जवाब मांग चुका है. सूत्रों के मुताबिक गृह सचिव गोविंद मोहन मंगलवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगे.
बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सचिव, विदेशियों से संबंधित अतिरिक्त सचिव, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त, एअर इंडिया के सीईओ और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ के शामिल हो सकते हैं
क्या है मामला
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ी चूक हुई थी. मामला सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को शो कॉज नोटिस जारी किया है. ये मामला 3-4 सितंबर का है. तीनों यात्री अमृतसर से एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1115 से दिल्ली पहुंचे थे. यह फ्लाइट हब एंड स्पोक व्यवस्था के तहत चलती है यानी यात्री छोटे शहर से बड़े एयरपोर्ट तक आते हैं और वहां से आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ते हैं. फ्लाइट रात करीब 12:50 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची. इसके करीब एक घंटे बाद, रात 1:45 बजे तीनों यात्री लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 से म्यूनिख के लिए रवाना हो गए. समस्या यह थी कि भारत से बाहर जाने से पहले तीनों की जरूरी इमिग्रेशन जांच हुई ही नहीं.
कैसे हुई गलती
दिल्ली पहुंचने के बाद इन यात्रियों को घरेलू यात्रियों के रास्ते से अलग करके इमिग्रेशन एरिया में भेजा जाना चाहिए था. वहां भारत छोड़ने से पहले उनकी इमिग्रेशन जांच होनी थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. तीनों यात्रियों को गेट नंबर 39 से इमिग्रेशन एरिया में भेजने के बजाय International-to-International Transfer Area में ले जाया गया. इसके बाद वे सीधे डिपार्चर एरिया में पहुंच गए और म्यूनिख जाने वाली फ्लाइट में बैठ गए यानी जिस जगह पर उनकी इमिग्रेशन जांच होनी थी वे वहां पहुंचे ही नहीं.
मंत्रालय ने भेजा था नोटिस
नोटिस में एयर इंडिया से इस पूरी घटना को लेकर कई सवालों के जवाब मांगे गए थे. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया से पूछा है कि SOP का पालन नहीं करने और जरूरी सावधानी न बरतने के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. एयरलाइन को नोटिस मिलने के 7 दिन के भीतर अपना जवाब देना है.
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