विशाखापत्तनम से बेंगलुरु जा रही Air India Express की फ्लाइट IX2065 से 19 अक्टूबर को पक्षी टकरा गया था. हालांकि विमान ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की.

Continues below advertisement

विमान में 148 यात्री सवार थे. इस घटना में किसी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई. लैंडिंग के बाद विमान को पार्किंग स्टैंड पर ले जाया गया. इंजीनियरों और तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू की ताकि यह पता लगाया जा सके कि पक्षी टकराने से विमान के इंजन या अन्य हिस्सों को कोई नुकसान तो नहीं पहुंचा. 

अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है.

Continues below advertisement

कई मामले आए हैं सामने

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इसी महीने की शुरुआत में फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान को जयपुर में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी थी. विमान से कथित तौर पर 'स्क्वॉक 7500' सिग्नल प्रसारित हुआ था, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमान अपहरण (हाईजैक) की आशंका दर्शाने वाला कोड माना जाता है.

यह अलर्ट अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को प्राप्त हुआ था, जिसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से जयपुर में उतारा गया. हालांकि अलर्ट सक्रिय होने के वास्तविक कारणों को लेकर तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी थी.

इस बीच, पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात के कारण भारतीय विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के कई शहरों के लिए उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर रखी हैं.

यात्रा परामर्श के अनुसार, रियाद, जेद्दा और दम्माम जैसे प्रमुख सऊदी शहरों के लिए उड़ान सेवाएं निलंबित हैं, जबकि कुछ एयरलाइंस ने मदीना के लिए भी उड़ानें रद्द कर दी हैं. एयर इंडिया ने कहा है कि सऊदी अरब की मौजूदा स्थिति को देखते हुए रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए तथा वहां से संचालित उसकी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जा रहा है.

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी दम्माम, जेद्दा और रियाद के लिए उड़ानों का निलंबन 20 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है. वहीं इंडिगो ने रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं. अकासा एयर ने रियाद के लिए उड़ान निलंबन 24 अक्टूबर तक और जेद्दा के लिए 21 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है.

सभी एयरलाइंस ने कहा है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं

ये भी पढ़ें: 'जब भी बंटे, कमजोर हुए', विजयादशमी के कार्यक्रम में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत