एअर इंडिया ने अपने बोइंग 787-8 विमान को पूरी तरह से अंदर से नया रूप दे दिया है. पहले जहां टूटी सीटें, खराब स्क्रीन और वाई-फाई की कमी जैसी समस्याएं थीं, अब वह सब खत्म करने की कोशिश की गई है. एयरलाइन का पहला बदला हुआ विमान VT-ANT दिल्ली पहुंच चुका है और इसके साथ ही एअर इंडिया के बदलाव की नई शुरुआत मानी जा रही है.

एअर इंडिया के नए विमान में पहले की तरह दो नहीं, बल्कि तीन क्लास की सुविधा दी गई है. बिजनेस, प्रीमियम इकोनॉमी और इकोनॉमी. बिजनेस क्लास में 20 सीटें हैं, जो 1-2-1 लेआउट में लगाई गई हैं. इसमें यात्रियों को प्राइवेट स्पेस मिलता है, सीट पूरी तरह बेड में बदल जाती है और सामने बड़ी 17 इंच की 4K स्क्रीन दी गई है. इससे सफर ज्यादा आरामदायक और बेहतर हो गया है.  प्रीमियम इकोनॉमी में भी 20 सीटें हैं, जो उन यात्रियों के लिए हैं जो सामान्य इकोनॉमी से थोड़ा बेहतर अनुभव चाहते हैं. इन सीटों के बीच ज्यादा जगह दी गई है, जिससे बैठने में आसानी होती है.

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इकॉनमी क्लास में क्या आया बदलाव?

इकॉनमी क्लास में 205 सीटें हैं, जो 3-3-3 लेआउट में लगाई गई हैं. इसमें भी 11.6 इंच की 4K स्क्रीन दी गई है और मोबाइल चार्ज करने के लिए USB-A और USB-C दोनों तरह के पोर्ट दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को सफर के दौरान कोई परेशानी न हो. इस बदलाव का सबसे खास हिस्सा है कि अब इस विमान में वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी. एअर इंडिया ने इसमें वाईफाई सिस्टम लगाया है, जिससे लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के दौरान यात्री इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे. पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी. इसके अलावा सभी क्लास में नया एंटरटेनमेंट सिस्टम लगाया गया है, जिसमें बेहतर स्क्रीन और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी दी गई है.

विमान को बदलने में कितने दिन का समय लगा?

इस पूरे बदलाव में काफी मेहनत लगी है. अमेरिका के कैलिफोर्निया में बोइंग के सेंटर पर इस एक विमान को बदलने में करीब 45 दिन लगे और हजारों घंटे काम किया गया. विमान के अंदर सीट, लाइट, फर्श, दीवार और यहां तक ​​कि खुलने तक सब कुछ नया कर दिया गया. काम पूरा होने के बाद इस पर एअर इंडिया की नई पहचान के हिसाब से पेंट भी किया गया. यह सिर्फ एक विमान तक सीमित नहीं है. एअर इंडिया ने योजना बनाई है कि 2027 तक ऐसे ही 25 और बोइंग 787 फ्लाइट्स को बदला जाएगा. इसके बाद 2028 तक बोइंग 777-300ER फ्लाइट्स को भी इसी तरह नया बनाया जाएगा.

विमान के अंदर की सुविधाएं बेहतर

विमान के अंदर की सुविधाएं अब बेहतर हो गई हैं, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है. समय पर उड़ान भरना, यात्रियों को अच्छी सेवा देना और हर बार एक जैसा अच्छा अनुभव देना है. यही तय करेगा कि एअर इंडिया सच में बदली है या सिर्फ दिखने में बदलाव हुआ है. अगर एअरलाइन इन चीजों पर भी ध्यान देती है, तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान फिर से मजबूत कर सकती है.

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