नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राष्ट्रीय राजधानी में दमे से ग्रस्त स्कूली बच्चों को कलाई पर पहने जा सकने वाली एक सेंसर देने जा रही है. इसकी मदद से बच्चों के आसपास के वायु प्रदूषण पर लगातार नजर रखा जा सकेगा. एक अध्ययन के तहत ऐसा किया जा रहा है.

एम्स के पल्मोनोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ करन मदान ने कहा कि ये प्रदूषण सेंसर हल्के हैं और कमर पर आसानी से पहने जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि ये पूरे दिन आसपास के वायु प्रदूषण पर जरूरी जानकारी संग्रहित करेंगे. आईआईटी-दिल्ली, यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग, इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन और चेन्नई के श्री रामचंद्र विश्चविद्यालय के साथ मिलकर कराये जा रहे अध्ययन के तहत बच्चों को एक सप्ताह के लिए ये सेंसर दिये जाएंगे.

डॉ मदान ने कहा, ‘‘ये हाई क्वालिटी वाले सेंसर हमें इस बारे में जानकारी देंगे कि कोई बच्चा स्कूल में, रास्ते में या घर पर कितने वायु प्रदूषण के संपर्क में आता है. इससे हमें उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का पता लगाने में मदद मिलेगी.’’एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के अनुसार ये सेंसर एक बच्चे को एक सप्ताह के लिए दिये जाएंगे और उपयुक्त लगा तो लंबी अवधि के लिए दिये जा सकते .