नई दिल्ली: डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर इंडियन मेडिकल असोसिएशन की ओर से बुलाई देशव्यापी हड़ताल में अब एम्स के डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं. पहले एम्स ने इस हड़ताल से खुद को अलग रखने का एलान किया था. वह सिर्फ विरोध मार्च निकालने वाले थे लेकिन अब हड़ताल में शामिल हो गए हैं. दरअसल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में रविवार की देर रात ट्रामा के डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार हुआ. इस दुर्व्यवहार के कारण एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार को दोपहर 12 बजे से लेकर कल (मंगलवार को) सुबह 6 बजे तक हड़ताल पर रहेंगे.

बता दें कि सोमवार को देश भर के करीब 5 लाख डॉक्टर अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. शीर्ष मेडिकल संस्था ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर और अस्पतालों में इस तरह की हिंसा से निपटने के लिये व्यापक केंद्रीय कानून की मांग की.

केंद्र सरकार के सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल, आरएमएल अस्पताल और दिल्ली सरकार के जीटीबी अस्पताल, डॉ बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल तथा दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के डॉक्टर सोमवार को काम नहीं करेंगे.

आईएमए के बयान के अनुसार हिंसा के दोषियों के लिये कड़े दंड के प्रावधान को केंद्रीय कानून में शामिल किया जाना चाहिए और आईपीसी और सीआरपीसी में उपयुक्त संशोधन होना चाहिए. बयान के मुताबिक, आउटडोर पेशंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) सेवा सहित गैर जरूरी सेवाएं आज सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक 24 घंटे के लिये बंद रहेंगी. इसके अनुसार इस दौरान आपात और आकस्मिक सेवाएं जारी रहेंगी. इसने 17 जून को गैर जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को रद्द करने के साथ देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. आईएमए और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) के प्रतिनिधियों ने शनिवार को वर्धन से बात की थी.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर 11 जून से हड़ताल पर हैं. कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक रोगी की मौत के बाद उसके रिश्तेदारों ने दो डॉक्टरों पर हमला कर दिया था और वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे. कोलकाता के डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाते हुए देशभर में डॉक्टरों ने काम नहीं करने का फैसला किया है.

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