फैशन डिजाइनर से बंगाल की मंत्री तक... कौन हैं अग्निमित्रा पॉल, जिन्हें शुभेंदु कैबिनेट में किया गया शामिल?
Agnimitra Paul Profile: आसनसोल दक्षिण सीट से लगातार दो बार विधायक बनीं अग्निमित्रा पॉल को अब शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी दी गई है.

Agnimitra Paul Profile: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. कभी फैशन इंडस्ट्री में बड़ा नाम रहीं अग्निमित्रा पॉल अब बंगाल की सत्ता के केंद्र तक पहुंच चुकी हैं. बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी दी गई है. उनकी राजनीतिक सफलता को बीजेपी के लिए बड़े सामाजिक और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
आसनसोल से शुरू हुआ सफर
अग्निमित्रा पॉल का जन्म पश्चिम बंगाल के आसनसोल में हुआ था. उनके पिता डॉ. अशोक रॉय पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ रहे हैं. शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में कदम रखा और बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली. उन्होंने अपना फैशन ब्रांड ‘इंगा’ शुरू किया और बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी डिजाइनिंग की. बताया जाता है कि उन्होंने कई बड़े कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों के लिए परिधान तैयार किए. फैशन वीक में उनकी मौजूदगी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई.
2019 में राजनीति में रखा कदम
फैशन इंडस्ट्री में सफलता हासिल करने के बाद अग्निमित्रा पॉल ने वर्ष 2019 में राजनीति में एंट्री की और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं. बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने बेहद कम समय में संगठन के भीतर मजबूत पहचान बना ली. पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष बनाया. इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस कैंप और कई सामाजिक कार्यक्रम चलाए. बाद में पार्टी ने उन्हें राज्य इकाई का महासचिव और फिर उपाध्यक्ष भी बनाया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने उन्हें बंगाल में महिला नेतृत्व के बड़े चेहरे के तौर पर लगातार आगे बढ़ाया.
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चुनावी राजनीति में भी दिखाया दम
अग्निमित्रा पॉल पहली बार 2021 के विधानसभा चुनाव में चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से जीत दर्ज की थी. इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी सीट बरकरार रखी. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने भारी अंतर से जीत हासिल की, जिसके बाद उनका नाम मुख्यमंत्री पद की चर्चा में भी सामने आने लगा था. हालांकि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में शामिल कर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. माना जा रहा है कि महिला वोटरों और शहरी वर्ग में उनकी लोकप्रियता बीजेपी के लिए बड़ा फायदा साबित हुई.

























