सोना पर PM मोदी की अपील से भड़के राहुल तो समर्थन में उतरे ये केन्द्रीय मंत्री, क्या गंभीर आर्थिक खतरे का संकेत?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए देश से इसे पालन करने की अपील की है. इधर राहुल गांधी ने पीएम मोदी की सोना न खरीदने की अपील पर सवाल उठाए हैं.

Ashwini Vaishnav Back Narendra Modi Appeal: मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट के साथ ही भारत समेत तमाम देशों की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है. ऐसे में पीएम मोदी ने देश की जनता से तेल बचाने, WFH, सोना न खरीदने जैसी तमाम बातों को लेकर अपील की गई है. पीएम मोदी के बाद अब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनता से पीएम मोदी की अपील पर ध्यान देने को कहा गया है. वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को ही पूरे मसले पर घेर दिया है. साथ ही कहा है कि देश चलाना इनके बस की बात नहीं है.
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के जल्दी थमने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं. इस वजह से नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार को बचाकर रखने की हरसंभव कोशिश करने का आग्रह किया है. वैष्णव ने यह बयान उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ के एनुअल सम्मेलन में कहा है.
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हम बहुत अनिश्चितता वाले समय में हैं: अश्विनी वैष्णव
उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम को देखते हुए पश्चिम एशिया में संघर्षविराम अभी बहुत दूर नजर आ रहा है. हम बहुत अनिश्चितता वाले समय में हैं. हमारी किसी गलती के बगैर, हमारे पड़ोस में दो देशों के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. मौजूदा स्थिति में यहां पर संघर्षविराम होना दूर लगता है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में नागरिकों को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है. हम नागरिकों के रूप में अपने जीवन और कामकाज में ऐसे उपाय पहचान सकते हैं. इनसे विदेशी मुद्रा की बचत हो सके. साथ ही हमें विदेशी मुद्रा अर्जित करने की कोशिशों को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए.
इसी के साथ पीएम मोदी ने लोगों से मेट्रो ट्रेन, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहन के अधिक इस्तेमाल, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सर्विस को प्राथमिकता देने और संभव होने पर घर से काम करने जैसे कदम उठाने का सुझाव दिया है.
वैष्णव ने कहा कि आप सभी से अनुरोध करता है कि प्रधानमंत्री के इस आह्वान का संज्ञान लें. अपने-अपने स्तर पर. अपने उद्यमों और व्यवसायों में. जो भी संभव हो, देशहित में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें. इससे पहले पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बाद उपजी चुनौतियों से निपटने में सहयोग करने का आह्वान किया था. उन्होंने पेट्रोल डीजल का समझदारी से इस्तेमाल और किसी भी तरह से विदेश मुद्रा बचाने पर जोर दिया था.
राहुल गांधी बोले- देश चलाना इनके बस की बात नहीं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सबसे पहले पीएम मोदी की अपील पर सवाल उठाते हुए, उन्हें देश चला पाने में नाकाम करार दिया है. राहुल ने कहा है कि मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे. सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो. ये उपदेश नहीं, ये नाकामी के सबूत हैं. 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है. क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए. हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें. देश चलाना अब कॉम्प्रोमाइजट पीएम के बस की बात नहीं.
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