Dharmendra Pradhan Resignation: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शनिवार को साफ किया कि भले ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन उनकी प्रमुख मांगें अब भी बाकी हैं. इसलिए जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा. 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए सीजेपी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी एक मांग की जीत है.

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इसके साथ ही पार्टी ने नई मांगों की सूची जारी की, जिसमें NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा, प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने और दिल्ली पुलिस व RAF (दंगा नियंत्रण बल) द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग शामिल है.

सीजेपी की नई लिस्ट

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल बन गया. कॉजपा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी तिरंगा लहराते, 'वंदे मातरम' के नारे लगाते और देशभक्ति गीतों पर नाचते-गाते नजर आए. बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर की तस्वीरें हाथों में थामे कई प्रदर्शनकारियों ने इस इस्तीफे को अपने आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया.

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, "यह इस्तीफा लोकतांत्रिक विरोध की ताकत का प्रमाण है. लोग कहते थे कि इस सरकार में मंत्री इस्तीफा नहीं देते, लेकिन हम कहते हैं-'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'."

उन्होंने घोषणा की कि इस्तीफा पहला कदम है और आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि अगर उस बयान से युवाओं के स्वाभिमान को ठेस न पहुंचती, तो देश का युवा इस तरह सड़कों पर न उतरता.

जंतर-मंतर पर जश्न

दूसरी ओर, पद से त्यागपत्र देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि NEET विवाद उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं था और उन्होंने पहले दिन से ही इस मुद्दे की पूरी नैतिक जिम्मेदारी ली थी. साथ ही उन्होंने देशवासियों को उन असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों से सतर्क रहने की सलाह दी जो छात्रों के इस आंदोलन का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं.

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