पाकिस्तान की तरफ से बलूचिस्तान हमलों को लेकर भारत पर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया है. भारत की तरफ से इसे पाकिस्तान पर अंदरूनी नाकामियों से ध्यान भटकाने वाला और घटिया चाल करार दिया है. 

Continues below advertisement

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान भी जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान के बेबुनियाद आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं. यह अपनी अंदरूनी नाकामियों से ध्यान भटकाने की एक चाल है. इसके सिवा कुछ नहीं है.'

बेबुनियाद दावे दोहराए जाते हैं: विदेश मंत्रालय

Continues below advertisement

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए. यह मांग वहां के लोग लंबे समय से कर रहे हैं. पड़ोसी देश द्वारा इस क्षेत्र में दमन, क्रूरता और मानवधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है. इस घटना ने उसे उजागर किया है. 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जब पड़ोसी मुल्क में किसी तरह की हिंसक घटना होती है, तो बेबुनियाद दावे दोहराए जाते हैं. इसकी बजाय उन क्षेत्रों के लोगों की मांगों पर ध्यान दिया जाना चाहिए. दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों का उल्लंघन का रिकॉर्ड जगजाहिर है. दरअसल, पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने आरोप लगाया था, जिसमें उन्होंने बलूचिस्तान प्रांत में हुए हमले के पीछे भारत का हाथ बताया था. 

बलूच लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान में जबरदस्त हमले किए हैंबलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पिछले 24 घंटे में बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में जबरदस्त हमले किए हैं. यह हमले अभी भी जारी है. BLA ने बलूचिस्तान प्रांत के 11 शहरों राजधानी क्वेटा, माष्टुंग, कलाट, ग्वादर, नुश्क़ी, दलबदिन, ख़रान, ओर्नाच, पंजगुर, टंप और पशनी में पाकिस्तानी सेना, ISI, पुलिस और सरकार के ठिकानों पर हमले किए तो रात में ग्वादर पोर्ट पर भी बलूच लड़ाकों ने हमला कर दिया. इन हमलों में 27 सुरक्षाबलों की मौत हो चुकी है. इनमें 12 सैनिक और 15 पुलिस के जवान हैं.

BLA ने दावा किया है कि उसके हमले में 84 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. बलूच लिबरेशन आर्मी के हमलों में सबसे ज्यादा प्रभावित राजधानी क्वेटा रही. बलूच लड़ाकों ने सेना की इमारत में घुसकर हमले किए.