एक मिनट में 700 राउंड फायरिंग, 1000 मीटर की रेंज... भारतीय सेना को मिली 2000 स्वदेशी 'प्रहार'
Indian Army: आधुनिक प्रहार LMG एक मिनट में 700 राउंड की ताबड़तोड़ फायरिंग करने में सक्षम है और इसकी मारक क्षमता 1,000 मीटर है, जो भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा करेगी.

- 41,000 LMG की आपूर्ति 3 साल से कम में होगी।
देश की सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना अपने सुरक्षा चक्र को और ज्यादा मजबूत करने के दिशा में आगे बढ़ते हुए लगातार अपने हथियारों को आधुनिक बना रही है. इसी क्रम में मेक इन इंडिया इनिशिएटिव के तहत स्वदेश निर्मित प्रहार लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप भारतीय सेना को सौंप दी गई है. अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने शनिवार (28 मार्च, 2026) को 2,000 प्रहार LMG की पहली खेप भारतीय सेना को सौंप दी है. इस मौके पर रक्षा मंत्रालय और कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
यह डिलीवरी ग्वालियर स्थित अदाणी स्मॉल आर्म्स कॉम्प्लेक्स से रवाना की गई. 7.62x51 मिमि की प्रहार LMG भारतीय सेना में पुरानी 5.56x45 मिमि इंसास लाइट मशीन गन की जगह लेगी. यह आधुनिक प्रहार LMG एक मिनट में 700 राउंड की ताबड़तोड़ फायरिंग कर सकने में सक्षम है, जो भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा करेगी. इसकी मारक क्षमता 1,000 मीटर है यानी सेना एक किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर भी सटीक निशाना लगा सकती है.
हालांकि, इस समय चीन से लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और पाकिस्तान से लगने वाली नियंत्रण रेखा (LOC) पर स्थिति अपेक्षाकृत शांत है, लेकिन सुरक्षा को लेकर भारतीय सेना कोई ढिलाई नहीं बरती रही है. सेना अपनी मारक क्षमता बढ़ाने के लिए पुराने हथियारों को तेजी से बदल रही है.
क्या है प्रहार एलएमजी की विशेषताएं?
प्रहार लाइट मशीन गन (LMG) की विशेषताओं की बात करें, तो इसकी मारक क्षमता काफी प्रभावी है. इसकी रेंज लगभग 1,000 मीटर है. यह एक मिनट में करीब 700 गोलियां दाग सकती है. इसमें 120 राउंड का ड्रम मैगजीन और बेल्ट फीड दोनों विकल्प उपलब्ध हैं. इसे कुछ ही सेकंड में दोबारा लोड किया जा सकता है. इसका वजन करीब 8 किलोग्राम है और इसे जमीन के साथ-साथ वाहनों और हेलीकॉप्टरों से भी इस्तेमाल किया जा सकता है. फायरिंग के दौरान इससे लगने वाला झटका (रिकॉइल) भी कम है.
11 महीने पहले सेना को सौंपी गई LMG की पहली खेप
न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आशीष राजवंशी ने इसे मेक इन इंडिया पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को 41,000 LMG की आपूर्ति करने के लिए 7 साल का समय निर्धारित था, लेकिन कंपनी इसे तीन साल से भी कम समय में पूरा करने की दिशा में काम कर रही है. पहले चरण में 2,000 एलएमजी समय से 11 महीने पहले ही भारतीय सेना को सौंप दी गई हैं.
उन्होंने कहा कि कंपनी हर महीने करीब 1,000 एलएमजी बनाने की क्षमता हासिल कर रही है. आने वाले एक साल में करीब 12,000 LMG और 18,000 कार्बाइन की डिलीवरी देने की योजना है. ग्वालियर की फैक्ट्री से कुल 30,000 हथियारों का निर्माण और आपूर्ति करना एक बड़ी उपलब्धि होगी.
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Source: IOCL

























