कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इंडिया गठबंधन को एकजुटता का संदेश दिया है. उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा है कि इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में किसी तरह का फर्क नहीं है. मैं बस यह बताना चाहता था कि सरकार जानबूझकर उन लोगों में मनमुटाव पैदा करने की कोशिश कर रही है, जो ज्ञानेश कुमार (CEC) के खिलाफ विरोध कर रहे हैं. उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि मैं बस यह बताना चाहता था कि हमें इस जाल में नहीं फंसना चाहिए. हमें एकजुट होकर लड़ना है.
इससे पहले अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने इंडिया गठबंधन के प्रदर्शनों को लेकर अपनी बात रखी थी. जिस पर अटकलें लगाई जाने लगीं थी कि शायद सीजेपी और इंडिया गठबंधन के बीच कुछ ठीक नहीं है.
दीपके ने क्या कहा था?
13 अक्टूबर के एक पोस्ट में दीपके ने कहा था कि जब सीजेपी के विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत मिली, तो कई लोगों ने तुरंत साजिश की थ्यौरी फैला दीं, कि हमें बीजेपी ने भेजा है. कल इंडिया गठबंधन ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन 10 अक्टूबर को जैसी सख्ती अपनाई गई थी, वैसा कुछ नहीं हुआ.
दीपके ने कहा था कि सरकार ठीक इसी तरह हमें एक दूसरे खिलाफ खड़ा करती है. अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के साथ अलग-अलग बर्ताव करके. वे उन लोगों के बीच शक और अविश्वास पैदा करते हैं, जो असल में एक ही मकसद के लिए लड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा था कि मेरी सबसे बस यही गुजारिश है कि वे इन चालों को समझें. आज वे एक विरोध प्रदर्शन की इजाजत दे सकते हैं. दूसरे को कुचल सकते हैं. कल वे भूमिकाएं बदल सकते हैं. मकसद यह है कि हम सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने के बजाय एक-दूसरे पर शक करते रहें.
दीपके ने अपील की कि साजिश की थ्योरीज को हमें बांटने न दें. जब हमें एक साथ खड़ा होना चाहिए, तो आपस में लड़ने के जाल में न फंसे. यह लड़ाई ज्ञानेश कुमार और उन्हें बचाने वालों के खिलाफ है. इस बात को न भूलें.
बता दें, सीईसी के खिलाफ सीजेपी और इंडिया गठबंधन अलग-अलग प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में 10 अक्टूबर का सीजेपी का विरोध प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की सख्ती की वजह से उतना व्यापक नहीं हो सका था. वहीं इंडिया गठबंधन के सुप्रीम मार्च में जमकर प्रदर्शनकारी जुटे थे. इस दौरान जंतर मंतर न जाने देने वाली सख्ती नहीं देखने में आई थी. इसी मुद्दे पर अभिजीत ने एक पोस्ट किया था, जिसे राजनीतिक हलकों में अलग तरह से लिया गया. अब इसी पर सीजेपी के संस्थापक ने सफाई दी है.
